रियल एस्टेट सेक्टर की जानी-मानी कंपनी Oberoi Realty (ओबेरॉय रियलिटी) में एक अहम लीडरशिप बदलाव होने जा रहा है। कंपनी ने ऐलान किया है कि कंस्ट्रक्शन विभाग के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट (EVP) सेल्वरज रामासामी 2 अप्रैल 2026 को रिटायर हो जाएंगे। यह कंपनी की स्टैंडर्ड रिटायरमेंट पॉलिसी के तहत हो रहा है।
कंस्ट्रक्शन लीडरशिप का अहम रोल
Oberoi Realty जैसी बड़ी रियल एस्टेट डेवलपर कंपनी के लिए कंस्ट्रक्शन विभाग का EVP एक बेहद महत्वपूर्ण पद होता है। यह एग्जीक्यूटिव कंपनी के बड़े प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन, ज़मीनी स्तर पर ऑपरेशन्स को संभालने और कंपनी के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा कराने के लिए जिम्मेदार होता है। ऐसे अहम पद पर बदलाव से लीडरशिप की निरंतरता और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट स्ट्रैटेजी पर स्वाभाविक रूप से ध्यान जाता है।
कंस्ट्रक्शन टीम को मजबूती
हाल के दिनों में, Oberoi Realty ने कंस्ट्रक्शन लीडरशिप में कई रणनीतिक नियुक्तियां की हैं। जनवरी 2024 में निलेश कुशे को एग्जीक्यूटिव VP – कंस्ट्रक्शन नियुक्त किया गया था, और सितंबर 2025 में श्रीकांत कंबली ने चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) फॉर कंस्ट्रक्शन के तौर पर जॉइन किया। इन नियुक्तियों से कंपनी ने अपने कंस्ट्रक्शन डिविजन की ऑपरेशनल मजबूती और लीडरशिप डेप्थ को बढ़ाने का संकेत दिया है। अब रामासामी के रिटायरमेंट से एक स्मूथ ट्रांज़िशन सुनिश्चित करना और कंपनी के डेवलपमेंट पाइपलाइन के एग्जीक्यूशन को बनाए रखना और भी ज़रूरी हो गया है।
निवेशकों की नजरें कहां?
इस घोषणा के बाद, निवेशकों की नज़रें अब सेल्वरज रामासामी की जिम्मेदारियों के लिए सक्सेशन प्लान (उत्तराधिकार योजना) के डिटेल्स पर रहेंगी। कंपनी को प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन में निरंतरता और कंस्ट्रक्शन शेड्यूल का पालन करने की क्षमता दिखानी होगी। यह ट्रांज़िशन Oberoi Realty की इंटरनल टैलेंट डेवलपमेंट और लीडरशिप ग्रूमिंग को भी दर्शाता है।
संभावित चुनौतियों का सामना
हालांकि रिटायरमेंट एक सामान्य प्रक्रिया है, पर ऐसे अहम लीडरशिप बदलावों को प्रोजेक्ट की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए सावधानी से मैनेज करने की ज़रूरत होती है। Oberoi Realty अतीत में चेयरमैन विकास ओबेरॉय के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोपों और प्रॉपर्टी टाइटल व एमिनिटी डिलीवरी से जुड़े मामलों में महारैरा (MahaRERA) के ऑर्डर्स जैसी जांचों का सामना भी कर चुकी है। ये पिछली घटनाएं लीडरशिप ट्रांज़िशन के दौरान मज़बूत गवर्नेंस और ऑपरेशनल ओवरसाइट की ज़रुरत को रेखांकित करती हैं।
प्रतिस्पर्धी परिदृश्य
Oberoi Realty रियल एस्टेट मार्केट में Prestige Estates Projects Ltd, Phoenix Mills Ltd, Lodha Developers Ltd, और DLF Ltd जैसी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। ये कंपनियां भी प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन और लीडरशिप मैनेजमेंट में इसी तरह की चुनौतियों का सामना करती हैं।
वैल्यूएशन पर एक नजर
मार्च 2026 तक, Oberoi Realty का प्राइस-टू-अर्निंग्स (PE) रेश्यो 24x था। यह भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के औसत 21.7x की तुलना में महंगा माना जा सकता है, लेकिन 47.5x के पीयर एवरेज की तुलना में अच्छा लगता है।
आगे क्या?
निवेशक और स्टेकहोल्डर्स सेल्वरज रामासामी के उत्तराधिकारी या उनकी जिम्मेदारियों के पुनर्वितरण के बारे में किसी भी घोषणा पर नज़र रखेंगे। प्रोजेक्ट की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए कंपनी द्वारा इस ट्रांज़िशन को मैनेज करने पर दिए जाने वाले अपडेट्स अहम होंगे।
