साल 2026 के नतीजे और कैश फ्लो में सुधार
Nukleus Office Solutions ने FY26 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी की कुल आय पिछले साल की तुलना में 25.49% बढ़कर ₹3,619.41 लाख यानी ₹36.19 करोड़ पर पहुँच गई। इस अवधि में कंपनी ने ₹213.53 लाख यानी ₹2.14 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है।
एक बड़ी राहत की बात यह है कि कंपनी के ऑपरेटिंग कैश फ्लो में शानदार सुधार हुआ है। FY26 में यह ₹362.69 लाख दर्ज किया गया, जो पिछले साल के ₹-744.03 लाख के मुकाबले एक बड़ा उलटफेर है। यह दर्शाता है कि कंपनी अब अपने मुख्य कामकाज से बेहतर पैसा बना रही है।
प्रॉफिट में गिरावट और कर्ज़ का बढ़ता बोझ
हालांकि, नतीजों पर गहराई से नजर डालने पर कुछ चिंताएं भी सामने आती हैं। 31 मार्च 2026 को समाप्त हुई छमाही के लिए कंपनी का प्रॉफिट ₹97.20 लाख रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹114.38 लाख था। इस तरह, हाफ-ईयरली प्रॉफिट में गिरावट आई है।
कंपनी की सालाना रेवेन्यू ग्रोथ भले ही मजबूत हो, लेकिन उसकी फाइनेंसियल पोजीशन पर दबाव बढ़ता दिख रहा है। निवेशक कंपनी पर बढ़ते कर्ज़ के स्तर को लेकर चिंतित हैं। कंपनी का लॉन्ग-टर्म बॉरोइंग्स ₹1,018.61 लाख से बढ़कर ₹1,572.91 लाख हो गया है। वहीं, शॉर्ट-टर्म बॉरोइंग्स भी ₹44.09 लाख से बढ़कर ₹228.77 लाख पर पहुँच गई हैं।
बैंगलोर सेंटर का अटका मामला और अन्य चिंताएं
एक बड़ा मुद्दा बैंगलोर सेंटर का है, जो प्रॉपर्टी मालिक के विवाद के कारण अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। कंपनी ने इस सेंटर पर ₹550.33 लाख का खर्च किया है, जिसे अभी तक कैपिटल में नहीं जोड़ा गया है।
इसके अलावा, Nukleus Office ने ब्रांड और मार्केटिंग पर होने वाले ₹115.00 लाख के खर्च को चार साल के लिए टाल (defer) दिया है। यह कदम फिलहाल प्रॉफिट को बढ़ा सकता है, लेकिन भविष्य में खर्च का बोझ बढ़ाएगा।
निवेशकों की नज़र
इन सब के बीच, निवेशक कंपनी के इन प्रमुख मुद्दों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं: प्रॉपर्टी मालिक के साथ बैंगलोर सेंटर का विवाद कब सुलझेगा, कंपनी बढ़ते कर्ज़ को कैसे मैनेज करेगी, और भविष्य में प्रॉफिटेबिलिटी का क्या हाल रहेगा।