Nila Spaces के FY26 के शानदार नतीजे
Nila Spaces Limited ने 7 मई, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2026 के लिए अपने ऑडिटेड वित्तीय नतीजे पेश किए हैं, जो कंपनी के मजबूत प्रदर्शन को दर्शाते हैं। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में पिछले साल के ₹135.80 करोड़ की तुलना में 36% की बढ़त देखी गई, जो इस बार ₹185.02 करोड़ तक पहुंच गया। वहीं, नेट प्रॉफिट में तो रिकॉर्ड 96% की ज़बरदस्त उछाल दर्ज की गई, जो ₹14.67 करोड़ से बढ़कर ₹28.76 करोड़ हो गया।
कंपनी ने स्टैंडअलोन आधार पर भी दमदार नतीजे पेश किए हैं। FY26 के लिए स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹162.71 करोड़ रहा, जबकि स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹26.61 करोड़ दर्ज किया गया। इसके अलावा, वित्तीय वर्ष 2027 के लिए M/s MP Doshi & Associates को इंटरनल ऑडिटर और M/s Dalwadi & Associates को कॉस्ट ऑडिटर नियुक्त किया गया है।
नेतृत्व में अहम फेरबदल
वित्तीय प्रदर्शन के साथ-साथ, Nila Spaces ने अपनी लीडरशिप में भी अहम बदलाव किए हैं। श्री डीप एस वादोदरिया को कंपनी का नया चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) नियुक्त किया गया है। वहीं, श्री प्रशांत एच सरखेडी को होल टाइम डायरेक्टर बनाया गया है। इन दोनों नियुक्तियों की अवधि 3 साल की होगी और ये 7 मई, 2026 से प्रभावी होंगी। श्री वादोदरिया, जो पहले CEO रह चुके हैं और कंपनी के 8% से ज़्यादा शेयर रखते हैं, उनके नेतृत्व में कंपनी नई रणनीति के साथ आगे बढ़ सकती है।
रियल एस्टेट और वेयरहाउसिंग में मजबूत पकड़
Nila Spaces लिमिटेड रियल एस्टेट डेवलपर है, जो रेजिडेंशियल, कमर्शियल और खास तौर पर इंडस्ट्रियल वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स स्पेस पर फोकस करती है। मुनाफे और रेवेन्यू में यह उछाल कंपनी की बढ़ती मार्केट प्रेजेंस और ऑपरेशनल एफिशिएंसी को दिखाता है। नए लीडरशिप का आना भविष्य की ग्रोथ, विस्तार योजनाओं और ऑपरेशनल फोकस के लिए एक बड़ा संकेत है।
इंडस्ट्री का माहौल
Nila Spaces रियल एस्टेट और वेयरहाउसिंग सेक्टर में काम करती है। भारत का वेयरहाउसिंग मार्केट ई-कॉमर्स के बढ़ते विस्तार, मैन्युफैक्चरिंग एक्टिविटीज और सरकारी नीतियों जैसे 'गति शक्ति' और PLI स्कीम्स से काफी मज़बूती से बढ़ रहा है। इस सेक्टर में Delhivery Ltd, Mahindra Logistics, और TVS Supply Chain Solutions जैसी कंपनियां भी सक्रिय हैं।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
निवेशकों की नज़र अब नए CMD श्री वादोदरिया की रणनीतियों पर रहेगी। कंपनी की प्रोजेक्ट पाइपलाइन और विस्तार योजनाओं में प्रगति पर नज़रें रहेंगी। भारतीय वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में ग्रोथ का फायदा उठाने की कंपनी की क्षमता महत्वपूर्ण होगी।
