यह ऐलान कंपनी की कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) का एक अहम हिस्सा है, जिसका मुख्य मकसद इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading) को रोकना है। इसके तहत, कंपनी उन सभी डेजिग्नेटेड पर्सन्स (Designated Persons) और उनके रिश्तेदारों को, जिनके पास कंपनी की प्राइस-सेंसिटिव इंफॉर्मेशन (Price-Sensitive Information) की जानकारी होती है, 1 अप्रैल, 2026 से लेकर नतीजों की घोषणा के 48 घंटे बाद तक शेयर खरीदने या बेचने से रोकती है।
यह एक स्टैंडर्ड प्रैक्टिस है जिसका पालन भारतीय शेयर बाजार की कई बड़ी कंपनियां करती हैं। रियल एस्टेट सेक्टर में भी DLF Ltd, Prestige Estates Projects Ltd, Sobha Ltd, और Godrej Properties Ltd जैसी कंपनियां अपने तिमाही नतीजों से पहले ऐसी ही ट्रेडिंग विंडो क्लोजर पॉलिसी (Trading Window Closure Policy) अपनाती हैं।
निवेशकों को अब कंपनी के Q4 FY26 के फाइनेंशियल रिजल्ट्स (Financial Results) के ऐलान का इंतजार रहेगा। नतीजों के बाद कंपनी के मैनेजमेंट से भविष्य की योजनाओं और कंपनी की वित्तीय स्थिति पर किसी भी अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।
