Mindspace Business Parks REIT को अपने यूनिटधारकों से एक बड़ी जीत मिली है। कंपनी द्वारा Sycamore Properties Private Limited और Content Properties Private Limited के अधिग्रहण और इसके लिए की जाने वाली प्रेफरेंशियल यूनिट इश्यू (preferential unit issuance) को यूनिटधारकों ने लगभग सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी है।
1 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 तक चली ई-वोटिंग प्रक्रिया में 12.48 करोड़ से ज़्यादा यूनिट्स डाली गईं, जिनमें से 99.9979% से 99.9981% तक प्रस्तावों के पक्ष में वोट पड़े।
इस मंजूरी के साथ, Mindspace REIT चेन्नई में 'Commerzone Pallikaranai' कैंपस का अधिग्रहण पूरा कर सकेगा। Sycamore Properties और Content Properties इस कैंपस की मालिक हैं, जिसकी एंटरप्राइज वैल्यू (enterprise value) ₹25.4 अरब यानी लगभग ₹2,541 करोड़ तय की गई है।
इस डील से REIT के पोर्टफोलियो में करीब 2.6 मिलियन वर्ग फुट का ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस जुड़ेगा, जिससे कुल लीजबल पोर्टफोलियो बढ़कर लगभग 41.6 मिलियन वर्ग फुट हो जाएगा। यह अधिग्रहण REIT की ग्रोथ स्ट्रेटेजी का अहम हिस्सा है, जो अक्सर स्पॉन्सर K Raheja Corp के ROFO (Right of First Offer) पाइपलाइन का लाभ उठाता है।
हालांकि, Mindspace REIT को कुछ जोखिमों का भी सामना करना पड़ेगा। इनमें ऑफिस डिमांड में उतार-चढ़ाव, वर्क-FROM-HOME ट्रेंड्स का असर, और भविष्य के प्रोजेक्ट्स में देरी या लागत बढ़ने का खतरा शामिल है। मार्च 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी का डेट टू EBITDA (Debt to EBITDA) रेश्यो 3.43 गुना था, जो रीफाइनेंसिंग रिस्क और रियल एस्टेट सेक्टर की साइक्लिलिटी की ओर इशारा करता है।
भारतीय ऑफिस रियल एस्टेट सेक्टर में, Mindspace REIT को 'ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी' (Growth & Stability) के लिए जाना जाता है, जबकि Embassy Office Parks REIT 'पैसिव इनकम' (Passive Income) और Nexus Select Trust 'मोमेंटम' (Momentum) पर फोकस करते हैं। मार्च 2025 तक, Mindspace REIT ने अपने साथियों में सबसे ज़्यादा कैपिटल एप्रिसिएशन (+30.96%) दिखाया, जबकि स्टैंडर्ड डेविएशन (13.39%) सबसे कम रहा।
निवेशक अब इन नए एसेट्स के सफल इंटीग्रेशन, लीजिंग एक्टिविटी, और इनसे होने वाली रेंटल इनकम पर नज़र रखेंगे। साथ ही, प्रेफरेंशियल यूनिट इश्यू का REIT की कैपिटल स्ट्रक्चर और यूनिटहोल्डर डाइल्यूशन (unitholder dilution) पर क्या असर पड़ता है, यह भी देखा जाएगा।
