क्या है इस गारंटी का मतलब?
Max Estates अपनी सब्सिडियरी Max Square Limited को वित्तीय सपोर्ट देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में, कंपनी ने Max Square के कमर्शियल प्रोजेक्ट के लिए पहले दी गई गारंटी को ₹250 करोड़ से बढ़ाकर ₹350 करोड़ कर दिया है। यह अतिरिक्त ₹100 करोड़ का बूस्ट प्रोजेक्ट की फाइनेंसिंग को और मजबूत करेगा, खासकर ICICI Bank और Yes Bank जैसे बड़े बैंकों के साथ।
कंपनी का कहना है कि यह एक 'कंटीजेंट लायबिलिटी' है। आसान भाषा में, अगर Max Square अपने लोन का भुगतान नहीं कर पाती है, तभी Max Estates को यह गारंटी देनी होगी। इससे कंपनी के ऊपर सीधे तौर पर कोई कर्ज नहीं बढ़ा है।
Max Estates का लक्ष्य FY2025 तक 1.7 करोड़ वर्ग फुट से ज्यादा के प्रोजेक्ट्स का पोर्टफोलियो बनाना है। Noida में चल रहे कमर्शियल प्रोजेक्ट्स में Max Square एक अहम भूमिका निभा रही है।
निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?
हालांकि यह गारंटी कंपनी के डेट पर सीधा असर नहीं डालती, लेकिन निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि अगर Max Square लोन चुकाने में डिफॉल्ट करती है, तो Max Estates को गारंटी पूरी करनी होगी। Max Square को पहले कुछ मामूली टैक्स पेनल्टी और ITAT (Income Tax Appellate Tribunal) के एक एडवर्स रूलिंग का सामना करना पड़ा है, हालांकि कंपनी के अनुसार इसका कोई बड़ा फाइनेंशियल इम्पैक्ट नहीं है।
रियल एस्टेट सेक्टर में, DLF और Macrotech Developers जैसी बड़ी कंपनियां अक्सर डेट (Debt) और इक्विटी (Equity) के मिक्स से बड़े प्रोजेक्ट्स को फंड करती हैं। Max Estates का यह तरीका, यानी प्रोजेक्ट-लेवल पर स्पेसिफिक गारंटी देना, सब्सिडियरी की क्रेडिटवर्थनेस (Creditworthiness) को बढ़ाने और उसे लक्षित लोन दिलाने में मदद करता है।
वित्तीय आंकड़ों की बात करें तो, Max Estates का FY25 के लिए स्टैंडअलोन डेट-टू-इक्विटी रेशियो (Debt-to-Equity Ratio) 0.0 रहा है, जो कि बहुत मजबूत स्थिति दिखाता है। वहीं, इंटरेस्ट कवरेज रेशियो (Interest Coverage Ratio) 39.3x रहा है।
