SEBI के 'लार्ज कॉर्पोरेट' नियमों से मिली राहत
SEBI ने 10 अगस्त 2021 और 22 मई 2024 को जारी किए गए सर्कुलर में 'लार्ज कॉर्पोरेट' (Large Corporate) के लिए मानदंड तय किए थे। इस दायरे में आने वाली कंपनियों को अपने कुल कर्ज का एक निश्चित हिस्सा डेट सिक्योरिटीज (debt securities) के जरिए जुटाना पड़ता है और साथ ही और भी कड़े डिस्क्लोजर (disclosure) नियमों का पालन करना होता है। Manor Estates and Industries Limited के इस दायरे से बाहर रहने का मतलब है कि उसे इन अतिरिक्त अनुपालन (compliance) की मांगों से छूट मिल जाएगी, जिससे वह अपने संसाधनों को अन्य जगहों पर लगा सकेगी।
कंपनी का बदलाव और वित्तीय चिंताएं
Manor Estates and Industries Limited का इतिहास 1992 से जुड़ा है, जब यह Karan Woo-Sin Limited के नाम से जानी जाती थी। कंपनी ने 2013 में कॉटन सॉक्स (cotton socks) के उत्पादन का अपना 100% एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड बिजनेस बंद कर दिया था और 2014 में रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन (real estate and construction) की ओर रुख किया, जिसे करीब 2021-2022 में शुरू किया गया।
हालांकि, कंपनी के 'लार्ज कॉर्पोरेट' स्टेटस से जुड़ी खबर के बावजूद, इसके फंडामेंटल (fundamental) पर कुछ चिंताएं बनी हुई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी का बुक वैल्यू (book value) नेगेटिव (negative) है, जिसका अर्थ है कि कंपनी की देनदारियां (liabilities) उसकी संपत्तियों (assets) से ज्यादा हैं। इसके अलावा, कंपनी के ऑपरेटिंग प्रॉफिट (operating profit) में भी ठहराव देखा जा रहा है। कुछ रेटिंग एजेंसियों ने भी फंडामेंटल और टेक्निकल (technical) दिक्कतों के चलते स्टॉक की रेटिंग को 'Sell' या 'Strong Sell' तक डाउनग्रेड किया है।
अन्य कंपनियां भी इसी राह पर
Manor Estates अकेली ऐसी कंपनी नहीं है जिसने 'लार्ज कॉर्पोरेट' के दायरे से बाहर रहने की पुष्टि की है। Signature Green Corporation Ltd., Odyssey Corporation Limited, India Home Loan Limited, और Mid India Industries Limited जैसी कई अन्य लिस्टेड कंपनियों ने भी हाल ही में ऐसी ही स्थिति बताई है। ये सभी कंपनियां भी SEBI के बड़े संस्थाओं के लिए लागू कड़े नियमों से बच जाएंगी।