प्रॉपर्टी की अहमियत और डील का पूरा ब्योरा
यह डील 30 मार्च, 2026 को पूरी हुई है। ग्रेटर नोएडा में 54,312 स्क्वायर मीटर में फैली यह लीजहोल्ड प्रॉपर्टी, Majestic Auto के लिए एक अहम एसेट थी। फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के लिए, इस प्रॉपर्टी ने कंपनी की नेट वर्थ का लगभग 11.85% और रेवेन्यू का करीब 6.30% योगदान दिया था। आपको बता दें कि फरवरी 2023 में इस प्रॉपर्टी के लिए एग्रीमेंट टू सेल (Agreement to Sell) हुआ था और तब कंपनी को ₹5.00 करोड़ का एडवांस भी मिला था।
रियल एस्टेट और फैसिलिटी मैनेजमेंट की ओर बढ़ता कदम
यह प्रॉपर्टी सेल, Majestic Auto के रियल एस्टेट और फैसिलिटी मैनेजमेंट बिजनेस की ओर रणनीतिक बदलाव (Strategic Pivot) का एक महत्वपूर्ण कदम है। इस डील से कंपनी के पास ₹143.52 करोड़ की अच्छी-खासी नकदी आएगी, जिससे कंपनी की लिक्विडिटी (Liquidity) पोजीशन और मजबूत होगी। कंपनी अपनी नॉन-कोर एसेट्स (Non-core Assets) को बेचकर अपनी वैल्यू बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
रेगुलेटरी मसले और भविष्य की राह
हालांकि, हाल के दिनों में, कंपनी को कुछ रेगुलेटरी (Regulatory) चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा है। जून 2024 में, SEBI ने फाइनेंशियल ईयर 2018-19 के दौरान मटेरियल रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन के लिए आवश्यक मंजूरी न लेने पर Majestic Auto पर ₹7 लाख का जुर्माना लगाया था। इससे पहले, जून 2021 में SEBI ने प्रक्रिया संबंधी खामियों के चलते तीन इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की नियुक्ति पर रोक लगाने का निर्देश भी दिया था।
इंडस्ट्री का परिदृश्य
ऑटो एंसिलरी सेक्टर में Majestic Auto के प्रमुख प्रतिस्पर्धी Samvardhana Motherson International Ltd., Bosch Ltd. और UNO Minda Ltd. हैं। हालांकि, रियल एस्टेट और फैसिलिटी मैनेजमेंट जैसे नए क्षेत्रों में कंपनी के बढ़ते फोकस के कारण, इस विशेष एसेट सेल की सीधी तुलना करना मुश्किल हो जाता है।
इन्वेस्टर्स की नजरें
अब इन्वेस्टर्स की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि Majestic Auto लिमिटेड ₹143.52 करोड़ के इस फंड का उपयोग कैसे करती है। कंपनी के रियल एस्टेट और फैसिलिटी मैनेजमेंट पर बढ़ते फोकस का उसके भविष्य के फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर क्या असर होगा, यह देखना दिलचस्प होगा।
