ज़मीन पर पक्के हुए अधिकार, पर ₹21 करोड़ से ज़्यादा की देनदारियां बाकी!
Mahindra Lifespace Developers की एक सब्सिडियरी ने 6 अप्रैल, 2026 को आए एक अहम फैसले के बाद अपनी ज़मीन पर पक्के अधिकार हासिल कर लिए हैं। कंपनी के मुताबिक, इस केस के सेटलमेंट का कंपनी के फाइनेंस पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।
इसके साथ ही, कंपनी ने कुछ अन्य कानूनी मामलों और बड़ी देनदारियों का भी खुलासा किया है, जिनसे फिलहाल निपटना बाकी है।
कुछ अहम वित्तीय देनदारियां:
- बिजली का भारी भरकम भुगतान आदेश: MLDL बनाम MSEDCL मामले में, कंपनी को अनधिकृत बिजली इस्तेमाल के लिए ₹21.64 करोड़ के भुगतान का आदेश मिला है। कंपनी ने इस आदेश के खिलाफ अपील दायर कर दी है और इसमें से ₹10.82 करोड़ जमा भी करा दिए गए हैं।
- सर्विस टैक्स (Service Tax) की मांग: MHPL को ₹18.85 करोड़ के सर्विस टैक्स की मांग का सामना करना पड़ रहा है, जिसे फिलहाल एक आकस्मिक देनदारी (contingent liability) माना जा रहा है जिसका फैसला आना बाकी है।
- अन्य बड़े क्लेम: MLDL बनाम CWA के बीच ₹45.15 करोड़ और MPCHS बनाम MLDL के बीच ₹10.8 करोड़ के अन्य बड़े क्लेम भी अभी अनसुलझे हैं।
नियामक नोटिस और छोटे जुर्माने:
कंपनी को TNRERA के साथ तिमाही रिपोर्ट फाइल न करने पर ₹10,000 का जुर्माना भी लगा है। इसके अलावा, अप्रेंटिस एक्ट (Apprentices Act) के नियमों का पालन न करने पर भी नोटिस मिला है। तमिलनाडु में ₹2.09 करोड़ के पुराने गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) डिमांड पर भी कंपनी अपील कर रही है, जिसके कंपनी पर कम असर पड़ने की उम्मीद है।