शेयरधारकों का बड़ा फैसला: प्रोजेक्ट बिक्री और नया पार्टनर
MLDL के शेयरधारकों ने 22 मार्च, 2026 को समाप्त हुए पोस्टल बैलेट के माध्यम से पेश किए गए सभी चार प्रस्तावों को भारी बहुमत से स्वीकार कर लिया है। इनमें एक बिज़नेस अंडरटेकिंग की स्लंप सेल (slump sale) के लिए विशेष प्रस्ताव को 99.99% से अधिक वोटों से समर्थन मिला। संबंधित पक्षों के साथ लेनदेन को लेकर सामान्य प्रस्तावों को भी जबरदस्त समर्थन प्राप्त हुआ।
ये मंजूरी कंपनी के रणनीतिक पुनर्गठन (strategic restructuring) के लिए महत्वपूर्ण हैं, खासकर बेंगलुरु प्रोजेक्ट को लेकर। स्लंप सेल के तहत, एक बिज़नेस अंडरटेकिंग को MLDL की सब्सिडियरी Mahindra Blossom Developers Limited को ट्रांसफर किया जाएगा। इससे Mitsui Fudosan और प्रमोटर Mahindra & Mahindra Limited सहित प्रमुख पार्टनर्स के साथ सुचारू संचालन सुनिश्चित होगा।
प्रोजेक्ट की बिक्री और ज्वाइंट वेंचर की डिटेल्स
MLDL के बोर्ड ने 9 फरवरी, 2026 को इस पुनर्गठन को मंजूरी दी थी। स्वीकृत स्लंप सेल में बेंगलुरु स्थित 'Alembic Undertaking', जिसे अब 'Mahindra Blossom' कहा जा रहा है, को सब्सिडियरी Mahindra Blossom Developers Limited को ट्रांसफर किया जाएगा। पिछले फाइनेंशियल ईयर में इस अंडरटेकिंग ने MLDL के टर्नओवर या नेट वर्थ में कोई योगदान नहीं दिया था। इस स्लंप सेल के लिए नेट कंसीडरेशन (net consideration) ₹100 करोड़ तक सीमित है।
इसके साथ ही, MLDL जापान की Mitsui Fudosan (Asia) Pte. Ltd. (MFA) के साथ एक ज्वाइंट वेंचर (JV) बना रही है। JV फाइनल होने के बाद, Mahindra Blossom Developers Limited में MLDL की 51% हिस्सेदारी होगी।
वित्तीय दबाव और एनालिस्ट की चिंताएं
शेयरधारकों से मंजूरी मिलने के बावजूद, MLDL को कुछ वित्तीय दबावों का सामना करना पड़ रहा है। 4 मार्च, 2026 को, एनालिस्ट्स ने कंपनी की इन्वेस्टमेंट रेटिंग को 'होल्ड' (Hold) से घटाकर 'सेल' (Sell) कर दिया था। इस डाउनग्रेड के पीछे कमजोर स्टॉक प्रदर्शन, कठिन वित्तीय रुझान, हालिया नुकसान, नेगेटिव EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और एमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई) और नेगेटिव रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) जैसे कारक बताए गए। कंपनी का डेट टू EBITDA रेशियो भी चिंता का विषय है, जो -1.00 गुना दर्ज किया गया है।
आगे क्या देखना है?
निवेशक अब स्लंप सेल की प्रगति और Mitsui Fudosan के साथ JV के फाइनल होने पर नजर रखेंगे। साथ ही, एनालिस्ट्स द्वारा 'सेल' रेटिंग दिए जाने के बाद कंपनी इन वित्तीय दबावों से कैसे निपटती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।