नतीजों में दिखा गजब का उछाल
Mahindra Lifespace Developers ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष की चौथी तिमाही और पूरे साल के लिए अपने नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) Q4 में ₹90.12 करोड़ रहा, जबकि पूरे साल का PAT ₹298.17 करोड़ दर्ज किया गया।
आमदनी (Total Income) में तो जैसे तूफ़ान आ गया! Q4 FY26 में कंसोलिडेटेड टोटल इनकम में साल-दर-साल 1204% का जबरदस्त उछाल देखा गया और यह ₹723.21 करोड़ पर पहुंच गई। पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए टोटल इनकम 173% बढ़कर ₹1,265.95 करोड़ रही।
Rights Issue से मजबूत हुई बैलेंस शीट
इस वित्तीय मजबूती की सबसे बड़ी वजह ₹1,494 करोड़ का सफल Rights Issue है। इस फंड के इस्तेमाल से कंपनी ने अपने सारे लॉन्ग-टर्म डेट (Long-Term Debt) को खत्म कर दिया है, जिसके बाद 31 मार्च, 2026 तक कंपनी पूरी तरह से Debt-Free हो चुकी है। इसने कंपनी की इक्विटी बेस को काफी मजबूत किया है और भविष्य की ग्रोथ के लिए एक ठोस नींव रखी है।
रेवेन्यू रिकॉग्निशन पर निवेशकों की नज़र
एक महत्वपूर्ण बात जिस पर निवेशकों को ध्यान देना होगा, वह है कंपनी की रेवेन्यू रिकॉग्निशन (Revenue Recognition) पॉलिसी। Mahindra Lifespace 'Completed Contracts Method' का इस्तेमाल करती है। इसका मतलब है कि रिपोर्ट किया गया इनकम सीधे तौर पर वर्तमान बिक्री (Current Sales) या ऑपरेशनल परफॉर्मेंस को नहीं दिखाता, बल्कि प्रोजेक्ट पूरा होने के आधार पर रेवेन्यू की पहचान की जाती है।
इसके अलावा, पूरे साल के कंसोलिडेटेड प्रॉफिट में ₹348.91 करोड़ का हिस्सा 'Joint Ventures and Associates से हुए मुनाफे' (Share of profit of joint ventures and associates) से आया है। मुनाफे के लिए इन पार्टनशिप्स पर निर्भरता भी एक ऐसा फैक्टर है जिस पर निवेशकों को बारीकी से नजर रखनी चाहिए।
आगे क्या?
Rights Issue से मिली पूंजी का इस्तेमाल नई ज़मीन की खरीद और प्रोजेक्ट डेवलपमेंट में किया जाएगा। कंपनी 2030 तक नेट-ज़रो डेवलपमेंट (Net-Zero Developments) के ESG लक्ष्यों को पूरा करने के लिए भी प्रतिबद्ध है। हालांकि, कंपनी की बैलेंस शीट अब डेट-फ्री है, पर 'Completed Contracts Method' की वजह से निवेशकों को मौजूदा बिक्री की गति को समझने के लिए हेडलाइन रेवेन्यू फिगर से आगे जाकर देखना होगा।
