Lodha Developers ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) के शानदार नतीजे घोषित किए हैं. कंपनी ने ₹3,431 करोड़ का नेट प्रॉफिट (Profit After Tax) दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 24% का जोरदार उछाल है. इस रिकॉर्ड मुनाफे की मुख्य वजह कंपनी की ₹20,530 करोड़ की अब तक की सबसे ज्यादा प्री-सेल्स (Pre-sales) कलेक्शन रही है.
कंपनी ने अपने नेट डेट (Net Debt) को काफी कम करके ₹5,377 करोड़ तक ला दिया है, जिससे डेट-टू-इक्विटी (Debt-to-Equity) रेश्यो सिर्फ 0.23x रह गया है. यह कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति और बेहतर ऑपरेशनल परफॉरमेंस को दर्शाता है.
Lodha Developers अपनी ग्रोथ की रफ्तार बनाए रखने के लिए आक्रामक विस्तार और ज़मीन अधिग्रहण की रणनीति पर चल रही है. FY26 की तीसरी तिमाही (Q3) में कंपनी ने मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR), दिल्ली-एनसीआर और बेंगलुरु में ₹33,800 करोड़ की ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) वाली पांच नई ज़मीनें खरीदीं. कंपनी आने वाले 24 महीनों में बिजनेस डेवलपमेंट पर खर्च घटाकर फ्री कैश फ्लो (Free Cash Flow) बढ़ाने की योजना बना रही है.
शेयरधारकों के लिए अच्छी खबर यह है कि नेट प्रॉफिट में 24% की बढ़ोतरी हुई है, जो ₹3,431 करोड़ तक पहुंचा है. नेट डेट का ₹5,377 करोड़ तक आना कंपनी की वित्तीय मजबूती को और बढ़ाता है. एक महत्वपूर्ण कदम के तौर पर, Lodha ने ग्रीन डेटा सेंटर पार्क (Green Data Centre Park) के लिए एक एमओयू (MOU) साइन किया है, जिससे रियल एस्टेट से परे कमाई के नए रास्ते खुलेंगे. इसके अलावा, 12 नए प्रोजेक्ट्स को जोड़ने से भविष्य में कंपनी की ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) बढ़ने की उम्मीद है.
हालांकि, कंपनी को कुछ गवर्नेंस से जुड़ी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा है. सितंबर 2025 में, कंपनी ने एक पूर्व एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर पर ₹85 करोड़ के कथित धोखाधड़ी का खुलासा किया था, जिसके बाद एफआईआर (FIR) और फोरेंसिक ऑडिट हुआ. मार्च 2026 में, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ₹100 करोड़ से अधिक के नुकसान पहुंचाने के आरोपों से जुड़ी ₹59 करोड़ की संपत्ति जब्त की. ये मामले जांच के अधीन हैं और इनसे कंपनी की प्रतिष्ठा पर असर पड़ सकता है.
Lodha Developers भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर की एक बड़ी कंपनी है, और इसकी सीधी टक्कर DLF Limited, Godrej Properties, Prestige Estates Projects और Oberoi Realty जैसी कंपनियों से है.
31 मार्च 2026 तक, Lodha Developers का नेट डेट ₹5,377 करोड़ था. FY26 के लिए कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) मार्जिन 20.0% रहा, जो पिछले साल के 19.5% से बेहतर है. FY26 में जोड़े गए प्रोजेक्ट्स की ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) लगभग ₹60,000 करोड़ है.
निवेशक महाराष्ट्र सरकार के साथ पालावेडा डेटा सेंटर पार्क के लिए हुए एमओयू (MOU) पर प्रगति पर नज़र रखेंगे. नए एनसीआर (NCR) प्रोजेक्ट्स का बिक्री और मार्केट शेयर पर क्या असर पड़ता है, यह भी देखा जाएगा. साथ ही, कंपनी की बिजनेस डेवलपमेंट इन्वेस्टमेंट (Business Development Investments) घटाने और फ्री कैश फ्लो (Free Cash Flow) बढ़ाने की योजनाओं पर भी नजर रहेगी.
