कंपनी के चेयरमैन का बढ़ता भरोसा?
Last Mile Enterprises लिमिटेड के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन, श्री Hemrajsinh Surendrasinh Vaghela और उनसे जुड़े पक्षों ने ओपन मार्केट से 1,50,000 शेयर खरीदे हैं। इस खरीद के ज़रिये कंपनी में उनकी कुल हिस्सेदारी 25.22% से बढ़कर 25.26% हो गई है। यह नई खरीदारी कंपनी के कुल इक्विटी शेयर कैपिटल का 0.042% है। इस ट्रांज़ैक्शन के बाद, श्री Vaghela और उनसे जुड़े पक्षों के पास अब कुल 8,98,77,815 शेयर हैं।
हालांकि यह हिस्सेदारी में छोटी सी बढ़त है, लेकिन यह कंपनी के एक बड़े शेयरहोल्डर का लगातार भरोसा दिखाती है। किसी अंदरूनी व्यक्ति, खासकर नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन द्वारा शेयर खरीदना, मैनेजमेंट के आगे के आउटलुक (outlook) के संकेत के तौर पर देखा जाता है, भले ही कंपनी अभी भारी वित्तीय मुश्किलों से गुजर रही हो। हालांकि, इस छोटी खरीद से कंपनी के कंट्रोल (control) में बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है।
यह पहली बार नहीं है कि श्री Vaghela और उनसे जुड़े पक्षों ने Last Mile Enterprises लिमिटेड के शेयर खरीदे हों। कुछ ही दिन पहले, 17 मार्च 2026 को, इस ग्रुप ने 1,78,698 शेयर खरीदे थे, जिससे उनकी हिस्सेदारी 25.22% पर पहुंची थी। इससे पहले 12 मार्च 2026 को 50,000 शेयर खरीदे गए थे, तब हिस्सेदारी 25.17% थी। प्रमोटर होल्डिंग (Promoter Holdings) में लगातार वृद्धि पिछले कुछ क्वार्टर्स की गिरावट की ट्रेंड के बिल्कुल विपरीत है।
Last Mile Enterprises, जो मुख्य रूप से रियल एस्टेट (Real Estate) और इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) प्रोजेक्ट्स पर काम करती है, फिलहाल कई बड़ी वित्तीय समस्याओं से जूझ रही है। कंपनी के रेवेन्यू (Revenue) और प्रॉफिट (Profit) में लगातार गिरावट आ रही है, जिसके चलते इसका शेयर भी नए निचले स्तरों पर पहुंच गया है। हाल ही में, 19 मार्च 2026 को, कंपनी ने अपनी सब्सिडियरी (subsidiary) Last Mile Energy Private Limited के ज़रिये 'AquaFlame' नाम का हाइड्रोजन-पावर्ड कुकिंग स्टोव (hydrogen-powered cooking stove) लॉन्च करने की घोषणा की थी।
25.25% से ज़्यादा की हिस्सेदारी में बढ़त ग्रुप के स्टेक (stake) को और मजबूत करती है और भविष्य में कंपनी के रणनीतिक फैसलों में उनके प्रभाव को बढ़ा सकती है। अंदरूनी सूत्रों द्वारा लगातार की जा रही खरीद से निवेशकों के सेंटीमेंट (sentiment) को थोड़ा बूस्ट मिल सकता है, भले ही कंपनी पर अभी भी भारी वित्तीय दबाव बना हुआ है।
कंपनी गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रही है, बिक्री और मुनाफे में गिरावट देखी जा रही है। शेयर भी प्रमुख मूविंग एवरेज (moving averages) के नीचे कारोबार कर रहा है, जो लगातार नीचे की ओर जाने वाले मोमेंटम (momentum) का संकेत देता है। रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर भी साइक्लिकल (cyclical) होते हैं और आर्थिक मंदी के प्रति संवेदनशील होते हैं, जो व्यापक जोखिम पैदा करते हैं।
कंपनी की प्रमुख परफॉरमेंस मीट्रिक्स (performance metrics) इसकी मुश्किलों को उजागर करती हैं: सबसे ताज़ा रिपोर्टेड क्वार्टर में नेट सेल्स (net sales) में 36.8% की गिरावट आई है। प्रॉफिट बिफोर टैक्स (Profit Before Tax - PBT) (अन्य आय को छोड़कर) पिछले क्वार्टर में 75.5% तक गिर गया। Last Mile Enterprises रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में काम करती है, जिसके प्रमुख प्रतिद्वंदियों में Sadbhav Engineering Ltd, DLF Ltd, और Sobha Ltd शामिल हैं। हालांकि, DLF Ltd और Sobha Ltd जैसे बड़े प्लेयर्स की मार्केट कैप (market capitalization) काफी ज़्यादा है और वे मजबूत मार्केट सेगमेंट में काम करते हैं। पिछले एक साल में Last Mile Enterprises के शेयर में 84.25% की भारी गिरावट आई है, जो उसके प्रतिद्वंदियों के मुकाबले काफी ज़्यादा है।
निवेशक अब श्री Vaghela और उनसे जुड़े पक्षों से भविष्य में शेयरधारिता (shareholding) के अपडेट्स पर बारीकी से नज़र रखेंगे, साथ ही कंपनी के आने वाले वित्तीय नतीजों का इंतज़ार करेंगे कि क्या गिरती हुई ट्रेंड्स (trends) उलट पाती हैं या नहीं। इसके अलावा, नए 'AquaFlame' स्टोव की मार्केट में कैसी प्रतिक्रिया रहती है और कंपनी के ज़रिये इसका क्या वित्तीय योगदान होता है, इस पर भी ध्यान दिया जाएगा। साथ ही, शेयर की कीमत का प्रमुख टेक्निकल एवरेज (technical averages) को पार कर पाने की क्षमता और किसी भी नई रणनीतिक घोषणा पर भी निगाहें रहेंगी।
