Keystone Realtors, अपने 'Rustomjee' ब्रांड के तहत, ने Financial Year 2026 (FY26) में प्रदर्शन के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। कंपनी ने ₹40.22 अरब का अब तक का सबसे बड़ा प्री-सेल्स (Pre-sales) आंकड़ा दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 33% की भारी बढ़ोतरी है। पूरे साल के कलेक्शन (Collections) में भी 13% का इजाफा देखा गया और यह ₹26.21 अरब पर पहुँच गया।
इस शानदार नतीजे के पीछे मुख्य वजह रहे नए लॉन्च (New Launches) और बिजनेस डेवलपमेंट (Business Development) के प्रयास, जो कंपनी की उम्मीदों से कहीं ज़्यादा सफल रहे। नए लॉन्च से ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) पिछले साल के मुकाबले 96% बढ़कर ₹98.13 अरब हो गई, जबकि बिजनेस डेवलपमेंट GDV ने 118% की ज़बरदस्त छलांग लगाई और ₹104.20 अरब पर जा पहुंची। FY26 की आखिरी तिमाही (Q4 FY26) में भी कंपनी की रफ्तार बनी रही, जहाँ प्री-सेल्स 58% बढ़कर ₹13.46 अरब और कलेक्शन 14% बढ़कर ₹8.53 अरब दर्ज किया गया। कंपनी ने FY26 में 2.12 मिलियन वर्ग फुट (2.12 million sq ft) एरिया बेचा, जो 25% की ग्रोथ है।
यह मज़बूत ऑपरेशनल परफॉरमेंस बाज़ार में ग्राहकों की ज़बरदस्त मांग और Keystone Realtors की बेहतरीन एग्जीक्यूशन (Execution) क्षमता को दर्शाती है। मुंबई में री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स (Redevelopment Projects) पर कंपनी का खास फोकस और आक्रामक नए लॉन्च व बिजनेस डेवलपमेंट पाइपलाइन, कंपनी की मार्केट पोजीशन को मज़बूत कर रहे हैं।
कंपनी के वित्तीय पक्ष को देखें तो, Keystone Realtors ने विकास पहलों (Growth Initiatives) को गति देने के लिए मई 2024 में ₹800 करोड़ का Qualified Institutional Placement (QIP) और सितंबर 2025 तक ₹375 करोड़ के Non-Convertible Debentures (NCDs) के ज़रिए फंड जुटाने की मंज़ूरी दी है। हालांकि, हालिया Q3 FY26 के नतीजों में नेट प्रॉफिट में 77.3% की गिरावट और रेवेन्यू में 42.6% की कमी देखी गई थी, जो मार्जिन दबाव (Margin Pressure) की ओर इशारा करती है।
निवेशकों के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातों पर ध्यान देना होगा। रिपोर्ट किए गए ऑपरेशनल आंकड़े फिलहाल अस्थायी हैं और ऑडिट (Audit) के बाद ही अंतिम होंगे। मार्जिन को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं, जो भविष्य की लाभप्रदता (Profitability) को प्रभावित कर सकती हैं। साथ ही, कंपनी की विशाल पाइपलाइन के एग्जीक्यूशन रिस्क (Execution Risks) और नियामक (Regulatory) अनुपालन पर भी नज़र रखनी होगी, जैसा कि 2019 के सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) मामले से भी संकेत मिलता है।
बाजार में, Keystone Realtors की आक्रामक विस्तार रणनीति Oberoi Realty और Prestige Estates जैसे रियल एस्टेट दिग्गजों के साथ मेल खाती है। वहीं, DLF के बड़े प्री-सेल्स आंकड़े एक अलग स्केल दर्शाते हैं, जबकि Godrej Properties जैसे अन्य डेवलपर्स से Keystone का मुंबई री-डेवलपमेंट पर केंद्रित दृष्टिकोण उसे अलग करता है।
आगे चलकर, निवेशकों को FY26 के ऑडिटेड फाइनल नतीजों पर नज़र रखनी चाहिए। मैनेजमेंट का मार्जिन सुधारने और लाभप्रदता बढ़ाने की योजनाओं पर कमेंट्री खास तौर पर अहम होगी। बिजनेस डेवलपमेंट पाइपलाइन की प्रगति और नए प्रोजेक्ट अधिग्रहण की जानकारी पर भी निवेशक ध्यान देंगे।
