सब्सिडियरी को मिली ₹790 करोड़ की फंडिंग, पैरेंट कंपनी पर बढ़ा दबाव
Kalpataru Limited ने अपनी दो खास सब्सिडियरी कंपनियों – Agile Real Estate Private Limited को ₹400 करोड़ और Agile Real Estate Dev Private Limited को ₹390 करोड़ – के लिए ICICI Bank से लोन लेने में मदद करने के वास्ते ₹790 करोड़ की कॉर्पोरेट गारंटी जारी की है। ये लोन 60 महीने यानी 5 साल तक की अवधि के लिए हैं।
कंटीजेंट लायबिलिटी क्या है और क्यों है चिंता?
कंपनी के मुताबिक, ये गारंटी कंटीजेंट लायबिलिटी (Contingent Liability) के तौर पर दर्ज होंगी। इसका सीधा मतलब है कि फिलहाल Kalpataru के कंसॉलिडेटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स पर इसका कोई तुरंत असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, यह एक संभावित देनदारी है। अगर Agile Real Estate Private Limited और Agile Real Estate Dev Private Limited किसी भी कारणवश इन लोनों को चुकाने में डिफॉल्ट (Default) करती हैं, तो Kalpataru Limited को यह पूरी रकम चुकानी होगी।
यह बात इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि Kalpataru Limited पर पहले से ही काफी कर्ज का बोझ है। मार्च 2025 तक कंपनी का कंसॉलिडेटेड ग्रॉस डेट (Consolidated Gross Debt) ₹10,172 करोड़ था, जबकि नेट डेट (Net Debt) ₹9,310 करोड़ के पार था। क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों ने भी कंपनी के हाई लीवरेज (High Leverage) को लेकर पहले चिंता जताई है।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
Kalpataru Limited, जो कि 1969 से रियल एस्टेट सेक्टर में सक्रिय है, पहले भी अपनी सब्सिडियरी को फाइनेंसिंग के लिए गारंटी देती रही है। हाल ही में मार्च 2026 तक एक और सब्सिडियरी ने Agile Real Estate Dev Private Limited के लिए ₹90 करोड़ की गारंटी दी थी।
MarketsMojo ने 27 अप्रैल 2026 तक Kalpataru को 'स्ट्रॉन्ग सेल' (Strong Sell) रेटिंग भी दी थी। ऐसे में, निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि ये सब्सिडियरी कंपनियां अपने लोनों का भुगतान कैसे करती हैं और Kalpataru का कुल कर्ज व कंटीजेंट लायबिलिटी का स्तर भविष्य में कैसा रहता है।
