तिमाही और सालाना नतीजे
कंपनी ने पूरे फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए ₹346 करोड़ का नेट प्रॉफिट (PAT) कमाया है। वहीं, Q4 FY26 के लिए रेवेन्यू ₹418.39 करोड़ रहा, और पूरे साल का रेवेन्यू ₹880.78 करोड़ दर्ज किया गया।
रीस्ट्रक्चरिंग प्रक्रिया संपन्न
यह नतीजे कंपनी के तीन साल लंबे रीस्ट्रक्चरिंग प्रोसेस के पूरा होने के बाद आए हैं। इस प्रोसेस के तहत, 17 एंटिटीज़ को Yaari Digital Integrated Services Limited में मर्ज किया गया, जिसे अब Indiabulls Limited नाम दिया गया है। इस मर्जर का मकसद बिजनेस को और भी पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है।
रियल एस्टेट पर बड़ा फोकस
इस स्ट्रक्चरल बदलाव के साथ, Indiabulls अब दो मुख्य बिजनेस एरिया पर फोकस कर रही है। पहला है रियल एस्टेट, जिससे कंपनी को ग्रुप के 80% प्रॉफिट की उम्मीद है। दूसरा है फाइनेंशियल सर्विसेज, जिसे कैपिटल-लाइट और प्रॉफिटेबल प्लेटफॉर्म के तौर पर तैयार किया जा रहा है। यह स्ट्रेटेजी ऑपरेशंस की स्पीड और ट्रांसपेरेंसी बढ़ाने के लिए है।
तीन साल का बड़ा ट्रांसफॉर्मेशन
पिछले तीन सालों में, Indiabulls ने अपने अलग-अलग बिजनेस इंटरेस्ट को एक सिंगल एंटिटी में कंसॉलिडेट करके बड़ा ट्रांसफॉर्मेशन किया है। इसका मकसद एक फ्लेक्सिबल और क्लीन बिजनेस मॉडल तैयार करना था। अब शेयरहोल्डर्स को एक सिंपलीफाइड और ट्रांसपेरेंट स्ट्रक्चर वाली कंपनी मिलेगी, जिसमें पहले लॉस मेकिंग यूनिट्स का बोझ नहीं होगा। कंपनी नेट कैश-पॉजिटिव बैलेंस शीट की ओर बढ़ रही है और लीगेसी लिटिगेशन को सुलझाने की कोशिश कर रही है।
भविष्य की ग्रोथ का अनुमान
आगे की ओर देखते हुए, Indiabulls ने FY27 के लिए ₹600-700 करोड़ का PAT प्रोजेक्ट किया है। अगले 5-7 सालों में यह आंकड़ा ₹1000-1500 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। इसके अलावा, कंपनी अपनी Worli प्रॉपर्टी से सालाना ₹1,000 करोड़ का रेंट जनरेट करने की भी उम्मीद कर रही है।
रियल एस्टेट में कॉम्पिटिशन
रियल एस्टेट सेक्टर में, Indiabulls का मुकाबला DLF Ltd और Oberoi Realty Ltd जैसे बड़े डेवलपर्स से होगा, जिनके पास मार्केट में मजबूत पकड़ और बड़े प्रोजेक्ट्स की पाइपलाइन है।
