वित्तीय वर्ष 2026 के अंत तक Grovy India के प्रदर्शन में तेजी साफ दिखी। कंपनी के कुल असेट्स (Total Assets) में 51.07% का बड़ा इजाफा हुआ, जो अब ₹73.35 करोड़ के पार पहुंच गए हैं। प्रति शेयर आय (EPS) में भी 60.74% की वृद्धि दर्ज की गई, जो ₹2.17 रही।
आगे बढ़ते हुए, Grovy India अगले तीन सालों में Golden Growth Fund (GGF) के साथ मिलकर सालाना 20 से 25 प्रोजेक्ट्स को पूरा करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य लेकर चल रही है। इस विस्तार योजना को पंख लगाने के लिए, कंपनी ₹40 करोड़ तक की कैपिटल (पूंजी) जुटाने की योजना बना रही है। इस फंड का इस्तेमाल कंपनी की बैलेंस शीट को और मजबूत करने और ऑपरेशनल ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए किया जाएगा।
साथ ही, Grovy India ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर लिस्ट होने की मंशा भी जताई है। यह कदम कंपनी की मार्केट में पहचान बढ़ाने, नए निवेशकों को आकर्षित करने और स्टॉक की लिक्विडिटी (Liquidity) को बेहतर बनाने में मददगार साबित हो सकता है। कंपनी के पब्लिक मार्केट में अनुभव की बात करें तो, इसने दिसंबर 2015 में अपना IPO सफलतापूर्वक पूरा किया था।
1985 में स्थापित Grovy India, मुख्य रूप से साउथ दिल्ली में रेजिडेंशियल रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर फोकस करती है। हाल ही में, फरवरी 2026 में कंपनी ने दिल्ली के Hauz Khas में एक प्रीमियम रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट का अधिग्रहण भी किया था। हालांकि, कंपनी को ₹1.19 करोड़ के टैक्स डिमांड को लेकर इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल में अपील करनी पड़ रही है। इसके अलावा, दिल्ली हाई कोर्ट से मिला एक अंतरिम आदेश कुछ साइटों पर निर्माण कार्य को प्रभावित कर रहा है, और कंपनी सेक्रेटरी व कंप्लायंस ऑफिसर को दुर्व्यवहार के आरोप में हटाया भी गया है।
निवेशकों को ₹40 करोड़ के कैपिटल रेज और NSE लिस्टिंग की योजनाओं पर करीब से नजर रखनी चाहिए। इसके साथ ही, टैक्स अपील का समाधान और ऑपरेशनल कंप्लायंस से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण अपडेट्स पर भी ध्यान देना अहम होगा।
