इनसाइडर ट्रेडिंग विंडो पर रोक
SEBI के नियमों का पालन करते हुए, Future Market Networks Limited ने 1 अप्रैल, 2026 से अपने डेजिग्नेटेड इनसाइडर्स के लिए कंपनी के शेयर और अन्य सिक्योरिटीज की ट्रेडिंग पर अस्थायी रोक लगा दी है। यह कंपनी की अपनी आचार संहिता का भी हिस्सा है।
कौन-कौन दायरे में?
इस ट्रेडिंग पर लगी रोक में कंपनी के प्रमोटर्स, डायरेक्टर्स, की मैनेजेरियल पोस्ट पर बैठे लोग, डेजिग्नेटेड एम्प्लॉईज़ और उनके करीबी परिवार के सदस्य शामिल हैं।
क्यों लगाई गई रोक?
ट्रेडिंग विंडो बंद करने का मुख्य मकसद अनपब्लिश्ड प्राइस-सेंसिटिव इंफॉर्मेशन (UPSI) के दुरुपयोग को रोकना है। जब तक फाइनेंशियल रिजल्ट्स सार्वजनिक नहीं हो जाते, तब तक इनसाइडर्स को ट्रेडिंग से दूर रखकर कंपनी सभी निवेशकों के लिए निष्पक्षता और बाजार की अखंडता सुनिश्चित करना चाहती है।
इंडस्ट्री की आम प्रैक्टिस
यह तरीका भारतीय शेयर बाजार में काफी आम है। The Phoenix Mills Limited और Prestige Estates Projects Limited जैसी कंपनियां भी अपने फाइनेंशियल रिपोर्ट्स जारी करते समय इसी तरह की ट्रेडिंग विंडो रेस्ट्रिक्शन्स लगाती हैं।
अब निवेशकों की निगाहें कंपनी द्वारा बोर्ड मीटिंग की तारीख की घोषणा पर टिकी हैं, जहाँ 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स को मंजूरी दी जाएगी। उम्मीद है कि रिजल्ट्स घोषित होने के 48 घंटे बाद ट्रेडिंग विंडो फिर से खोल दी जाएगी।
