SEBI के 'लार्ज कॉर्पोरेट' नियम और Emrock Corp का स्टेटस
SEBI का 'लार्ज कॉर्पोरेट' (LC) फ्रेमवर्क, कॉरपोरेट बॉन्ड मार्केट को मजबूत करने के उद्देश्य से बनाया गया है। इसके तहत, कुछ बड़ी लिस्टेड कंपनियों को अपने फंडरेज़िंग का एक हिस्सा डेट सिक्योरिटीज (debt securities) के ज़रिए उठाना अनिवार्य होता है।
नियमों में बड़ा बदलाव: थ्रेशोल्ड बढ़ा
पहले, किसी कंपनी को 'लार्ज कॉर्पोरेट' तब माना जाता था जब उसके पास ₹100 करोड़ या उससे अधिक की आउटस्टैंडिंग लॉन्ग-टर्म बॉरोइंग्स (outstanding long-term borrowings) हों और कम से कम 'AA' की क्रेडिट रेटिंग हो।
लेकिन, SEBI ने 19 अक्टूबर, 2023 को एक सर्कुलर जारी कर इस नियम में बड़ा बदलाव किया, जो 1 अप्रैल, 2024 से प्रभावी हुआ। नए नियमों के मुताबिक, अब एक कंपनी को LC बनने के लिए ₹1000 करोड़ या उससे अधिक की आउटस्टैंडिंग लॉन्ग-टर्म बॉरोइंग्स की ज़रूरत है, बशर्ते उसकी क्रेडिट रेटिंग 'AA' या उससे बेहतर हो।
Emrock Corp को क्यों मिली राहत?
Emrock Corporation Ltd. ने कन्फर्म किया है कि वह इस नए ₹1000 करोड़ के थ्रेशोल्ड को पूरा नहीं करती है। इस वजह से, कंपनी SEBI के 19 अक्टूबर, 2023 के सर्कुलर के तहत डेट सिक्योरिटीज के ज़रिए फंडरेज़िंग के लिए लागू होने वाले डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स (disclosure requirements) और अन्य नियमों से एग्ज़म्प्ट (exempt) हो गई है।
यह स्पष्टीकरण Emrock के लिए कंप्लायंस का बोझ काफी कम करता है, क्योंकि उसे अब डेट इंस्ट्रूमेंट्स से संबंधित खास नियमों का पालन नहीं करना पड़ेगा।
