NCLAT का बड़ा फैसला: Insolvency केस खत्म
नई दिल्ली: रियल एस्टेट कंपनी Embassy Developments Limited को एक बड़ी राहत मिली है। 4 मई, 2026 को नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) ने कंपनी की अपील को मंजूरी देते हुए इसके खिलाफ कॉरपोरेट इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) को खारिज कर दिया।
यह फैसला नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के 9 दिसंबर, 2025 के उस आदेश को पलटता है, जिसने कंपनी के खिलाफ इंसॉल्वेंसी की कार्यवाही शुरू करने की अनुमति दी थी। अब Embassy Developments के खिलाफ सभी इंसॉल्वेंसी कार्यवाही पूरी तरह से समाप्त कर दी गई हैं।
NCLAT का यह निर्णय Embassy Developments के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जिसने इंसॉल्वेंसी के खतरे को पूरी तरह से खत्म कर दिया है। इस फैसले से कंपनी की वित्तीय स्थिति की मजबूती और उसके सुचारू संचालन की पुष्टि होती है, जिससे कंपनी अब बिना किसी कानूनी बाधा के अपने व्यवसाय पर ध्यान केंद्रित कर सकेगी।
क्या है मामला?
आपको बता दें कि यह इंसॉल्वेंसी की कार्यवाही NCLT के 9 दिसंबर, 2025 के आदेश के बाद शुरू हुई थी। Canara Bank ने यह याचिका दायर की थी, जिसमें Embassy Developments को Sinnar Thermal Power Ltd को दिए गए कर्ज के लिए कॉर्पोरेट गारंटर (Corporate Guarantor) के तौर पर जिम्मेदार ठहराया गया था। Sinnar Thermal Power Ltd ने बैंकों के एक समूह से लिए गए लगभग INR 3.72 बिलियन (यानी ₹372 करोड़) के लोन पर डिफॉल्ट किया था। Embassy Developments ने दलील दी थी कि उसने अपनी जिम्मेदारियों को पूरा किया है, लेकिन NCLT ने इसे खारिज कर इंसॉल्वेंसी की कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया था। Embassy Developments ने तुरंत NCLT के इस आदेश के खिलाफ NCLAT में अपील की थी। NCLT के आदेश के दो दिन बाद, यानी 11 दिसंबर, 2025 को, NCLAT ने मामले पर रोक लगा दी थी, जिसे बाद में बढ़ाया गया था।
अब आगे क्या?
- Embassy Developments अब इंसॉल्वेंसी कार्यवाही के दायरे में नहीं है।
- कंपनी का परिचालन लगातार जारी रहेगा।
- कंपनी की वित्तीय सेहत को आधिकारिक तौर पर मजबूत माना गया है।
- शेयरधारकों को अब सामान्य कंपनी संचालन और खुलासों की उम्मीद करनी चाहिए।
आगे क्या देखना है?
- NCLAT के आधिकारिक, विस्तृत आदेश का इंतजार।
- यदि शेयर स्टॉक एक्सचेंजों द्वारा निगरानी में थे तो किसी भी संभावित पुनर्वर्गीकरण की सूचना।
- Embassy Developments की ओर से भविष्य की रणनीतिक और परिचालन योजनाओं के संबंध में किए जाने वाले खुलासे।
