शेयर की ट्रेडिंग पर लगी निगरानी (ASM Stage 1)
Embassy Developments के शेयर इस वक्त स्टॉक एक्सचेंज की खास नजर में हैं। कंपनी के शेयरों में हाल में आई तेजी के चलते एक्सचेंज ने इसे 'अतिरिक्त निगरानी उपाय' (Additional Surveillance Measure - ASM) स्टेज 1 में डाल दिया है। यह कदम तब उठाया जाता है जब किसी स्टॉक की कीमत 5 ट्रेडिंग सेशन में 25% से ज्यादा बढ़ जाती है। इसका मकसद मार्केट की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखना और कारोबार को व्यवस्थित रखना है।
बिक्री के सारे रिकॉर्ड टूटे!
यह सब तब हो रहा है जब कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) की चौथी तिमाही (Q4) में ₹2,632 करोड़ की रिकॉर्ड प्री-सेल्स दर्ज की है। यह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 89% की तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) बढ़ोतरी है। पूरे FY26 की बात करें तो कंपनी की प्री-सेल्स ₹4,631 करोड़ पर पहुंच गई, जो पिछले साल के मुकाबले 128% की जबरदस्त बढ़ोतरी है। वहीं, FY26 में कंपनी का कुल कलेक्शन करीब ₹1,721 करोड़ रहा।
कानूनी स्टे और इनसॉल्वेंसी की स्थिति
कंपनी ने यह भी साफ किया है कि वह फिलहाल किसी भी कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) से नहीं गुजर रही है। यह स्पष्टीकरण नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) द्वारा जारी किए गए एक महत्वपूर्ण स्टे ऑर्डर के बाद आया है। NCLAT ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के उस आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसमें इनसॉल्वेंसी प्रोसीडिंग्स को स्वीकार किया गया था। इस मामले की अगली सुनवाई 17 अप्रैल, 2026 को होनी है, जो कंपनी के भविष्य के लिए अहम होगी।
निगरानी का असर और आगे क्या?
स्टॉक एक्सचेंज की इस निगरानी के चलते Embassy Developments के शेयर हफ्ते में केवल एक बार ट्रेड हो पाएंगे। इससे शेयरों की लिक्विडिटी (तरलता) प्रभावित हो सकती है और निवेशकों की दिलचस्पी भी कम हो सकती है। हालांकि, NCLAT का स्टे ऑर्डर कंपनी को अपना कामकाज जारी रखने की इजाजत देता है। निवेशकों की नजरें अब 17 अप्रैल को होने वाली NCLAT की सुनवाई पर टिकी हैं, जिसका फैसला कंपनी की स्थिति को प्रभावित कर सकता है।
विवाद की पृष्ठभूमि
पहले Indiabulls Real Estate के नाम से जानी जाने वाली Embassy Developments, एक कानूनी लड़ाई का सामना कर रही है। यह मामला 370 करोड़ रुपये की कॉरपोरेट गारंटी से जुड़ा है, जिसे Canara Bank ने Sinnar Thermal Power Ltd. के लिए जारी किया था। NCLT ने दिसंबर 2025 में इनसॉल्वेंसी प्रोसीडिंग्स शुरू की थी, लेकिन NCLAT ने तुरंत बाद इस पर स्टे लगा दिया था। कंपनी इससे पहले भी 2023 में ASM निगरानी के दौर से गुजर चुकी है।
निवेशकों के लिए अहम बातें
- NCLAT सुनवाई: 17 अप्रैल, 2026 को NCLAT का फैसला सबसे बड़ा फैक्टर होगा।
- लिक्विडिटी: हफ्ते में सिर्फ एक दिन ट्रेडिंग होने से शेयर खरीदने-बेचने में मुश्किल आ सकती है।
- कानूनी अनिश्चितता: स्टे के बावजूद, कानूनी प्रक्रियाएं अनिश्चितता पैदा करती हैं।
बिक्री प्रदर्शन (Peer Comparison)
FY26 में Embassy Developments की ₹4,631 करोड़ की प्री-सेल्स मजबूत 128% की ग्रोथ दिखाती है। हालांकि, कुल बिक्री के मामले में यह DLF Ltd (₹16,176 करोड़), Prestige Estates Projects (₹22,327.3 करोड़), Godrej Properties (₹24,008 करोड़) और Lodha Developers (₹14,640 करोड़) जैसे बड़े रियल एस्टेट दिग्गजों से पीछे है।