DLF ने कमाया ₹4,414.68 करोड़ का बंपर मुनाफा, ₹8 डिविडेंड देने का प्रस्ताव
रियल एस्टेट दिग्गज DLF Ltd ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए अपने शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने ₹8,194.02 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹4,414.68 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। इस बेहतरीन परफॉर्मेंस को देखते हुए, कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन ₹8 प्रति इक्विटी शेयर के डिविडेंड की सिफारिश की है। ऑडिटर ने वित्तीय बयानों पर एक अनमॉडिफाइड ओपिनियन (Unmodified Opinion) दिया है।
क्रेडिट रेटिंग में सुधार, पर कानूनी चुनौतियां बरकरार
DLF की वित्तीय स्थिति हाल ही में CRISIL और ICRA जैसी रेटिंग एजेंसियों द्वारा क्रेडिट रेटिंग में किए गए अपग्रेड से और मजबूत हुई है। ये अपग्रेड कंपनी के सुधरते वित्तीय स्वास्थ्य और मजबूत आउटलुक का संकेत देते हैं। FY23 में, कंपनी ने अपने बैलेंस शीट को मजबूत करने और कर्ज कम करने के लिए ₹10,000 करोड़ का फंड QIP (Qualified Institutional Placement) के जरिए जुटाया था।
हालांकि, कंपनी अभी भी कई बड़ी कानूनी और रेगुलेटरी मुश्किलों का सामना कर रही है। इसमें ₹630 करोड़ की संभावित पेनल्टी का मामला शामिल है, जो कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने लगाया था और जिसे कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील किया है। इसके अलावा, SEBI द्वारा कंपनी और उसके डायरेक्टर्स पर लगाए गए प्रतिबंधों के खिलाफ भी अपील जारी है। IT SEZ/IT Park प्रोजेक्ट्स के लिए सेल डीड्स के कैंसिलेशन को लेकर भी कानूनी लड़ाई सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों की नजरें अब ₹8 प्रति इक्विटी शेयर के प्रस्तावित डिविडेंड पर शेयरधारकों की वोटिंग पर रहेगी। CCI पेनल्टी और SEBI प्रतिबंधों से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण कानूनी फैसलों पर भी बारीकी से नजर रखी जाएगी। इसके अलावा, कोल इंडिया से बकाया वसूली और नए लेबर कोड के इम्प्लीमेंटेशन से जुड़े अपडेट्स भी महत्वपूर्ण होंगे।
