DLF Ltd के FY26 नतीजे: रेवेन्यू ग्रोथ और डिविडेंड का ऐलान, कानूनी अड़चनें बरकरार
रियल एस्टेट सेक्टर की दिग्गज कंपनी DLF Ltd ने फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के लिए अपने ऑडिटेड नतीजों की घोषणा की है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के ₹8,995.89 करोड़ से बढ़कर ₹9,816.04 करोड़ हो गया है, जो 9% की ग्रोथ दर्शाता है। वहीं, नेट प्रॉफिट में 1.1% की मामूली बढ़ोतरी के साथ यह ₹4,414.68 करोड़ दर्ज किया गया, जबकि पिछले साल यह ₹4,366.82 करोड़ था।
शेयरहोल्डर्स के लिए खुशखबरी: ₹8 डिविडेंड का प्रस्ताव
कंपनी के बोर्ड ने FY26 के लिए ₹8 प्रति इक्विटी शेयर (यानी 400%) का डिविडेंड देने की सिफारिश की है। यह प्रस्ताव शेयरहोल्डर्स की मंजूरी के बाद ही लागू होगा। कंपनी के स्टैट्यूटरी ऑडिटर ने फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स पर एक अनमॉडिफाइड ओपिनियन (Unmodified Opinion) दिया है, जिसका मतलब है कि खाते साफ-सुथरे हैं।
ऑपरेशनल परफॉर्मेंस और भविष्य की राह
ये नतीजे भारत के प्रॉपर्टी मार्केट में DLF के मजबूत ऑपरेशनल परफॉर्मेंस को दिखाते हैं। डिविडेंड का सुझाव मैनेजमेंट का भविष्य के कैश फ्लो पर भरोसा और शेयरहोल्डर्स को रिटर्न देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हालांकि, कंपनी को अभी भी कई बड़ी कानूनी और रेगुलेटरी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिन पर निवेशकों की बारीक नजर है।
कानूनी पेंच: ₹630 करोड़ का जुर्माना और अन्य मामले
DLF के लिए रास्ते में कई कानूनी अड़चनें हैं। कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) द्वारा लगाया गया ₹630 करोड़ का जुर्माना सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। इसी तरह, गुरुग्राम में IT प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन की बिक्री के रद्द ऑर्डर्स को भी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। SEBI ने भी एक मामले में कंपनी द्वारा जरूरी जानकारी का खुलासा न करने की शिकायत पर अपील की है। इसके अलावा, कंपनी पर कुछ खास ग्राहकों से ₹396.86 करोड़ और ₹259.68 करोड़ का ट्रेड रिसीवेबल्स (Trade Receivables) बाकी है। नए लेबर कोड्स के कारण ₹32.27 करोड़ का अतिरिक्त प्रभाव भी एक विशेष मद के रूप में दर्ज किया गया है।
कंपनी की पृष्ठभूमि और रणनीतिक कदम
DLF भारत की सबसे बड़ी रियल एस्टेट डेवलपर है, जो मुख्य रूप से नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में रेजिडेंशियल, कमर्शियल और रिटेल प्रोजेक्ट्स पर फोकस करती है। मार्च 2022 में, कंपनी ने अपनी कमर्शियल आर्म DCCDL में सिंगापुर के GIC को ₹9,200 करोड़ में अपनी हिस्सेदारी बेच दी थी। इस डील से कंपनी का कर्ज कम हुआ और उसे बड़ी पूंजी मिली।
अगले कदम
निवेशकों के लिए अहम बातें जिन पर नजर रखनी है:
- प्रस्तावित ₹8 प्रति शेयर डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी।
- CCI पेनल्टी और लैंड सेल डील्स से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के फैसलों पर अपडेट।
- SEBI के केस में फैसले का इंतजार।
- आउटस्टैंडिंग ट्रेड रिसीवेबल्स की रिकवरी पर मैनेजमेंट की रणनीति।
- वार्षिक आम बैठक (AGM) की तारीख की घोषणा।
