DLF Limited ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने पूरे साल के लिए ₹20,143 करोड़ की जबरदस्त सेल्स बुकिंग दर्ज की है, जो रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स की लगातार मजबूत डिमांड को दिखाती है। FY26 में कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹4,408 करोड़ रहा, जो पिछले साल की तुलना में 1% की मामूली बढ़ोतरी है। साल भर के दौरान ₹13,517 करोड़ का कलेक्शन हुआ, जिसके परिणामस्वरूप ₹14,155 करोड़ का स्वस्थ नेट कैश बैलेंस बना है।
हालांकि, नतीजे मिले-जुले रहे। FY26 में ऑपरेशंस से रेवेन्यू 7% बढ़कर ₹8,552 करोड़ तक पहुंचा, लेकिन इसी अवधि में ग्रॉस मार्जिन में 13% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। चौथी तिमाही (Q4 FY26) के आंकड़े विशेष रूप से चिंताजनक हैं, जहां रेवेन्यू पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 31% गिरकर ₹2,172 करोड़ रह गया। वहीं, Q4 का PAT लगभग ₹1,265 करोड़ पर सपाट बना रहा, जो पिछले साल के ₹1,268 करोड़ के स्तर के करीब है।
कंपनी ने इन नतीजों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा के लिए 14 मई, 2026 को इन्वेस्टर और एनालिस्ट कॉल का आयोजन किया है। DLF का एन्युइटी बिजनेस, जो DLF Cyber City Developers (DCCDL) के तहत संचालित होता है, ₹89,780 करोड़ के रेंटल पोर्टफोलियो के साथ स्थिरता का एक महत्वपूर्ण स्रोत बना हुआ है। लेकिन, मजबूत सेल्स बुकिंग के बावजूद ग्रॉस मार्जिन में आई यह कमी लागत प्रबंधन (Cost Management) को लेकर सवाल खड़े करती है।
FY26 के प्रमुख वित्तीय आंकड़े इस प्रकार हैं:
- ऑपरेशंस से रेवेन्यू: ₹8,552 करोड़ (FY25 से 7% अधिक)
- कंसोलिडेटेड PAT: ₹4,408 करोड़ (FY25 से 1% अधिक)
- ग्रॉस मार्जिन: ₹3,345 करोड़ (FY25 से 13% कम)
- Q4 FY26 रेवेन्यू: ₹2,172 करोड़ (Q4 FY25 से 31% कम)
- Q4 FY26 कंसोलिडेटेड PAT: ₹1,265 करोड़ (Q4 FY25 से लगभग सपाट)
