EGM में लिए गए अहम फैसले
10 अप्रैल, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में 45 शेयरधारकों ने हिस्सा लिया। शेयरधारकों ने अखिलेश अग्रवाल को नॉन-एग्जीक्यूटिव, नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर नियुक्ति को भारी बहुमत से मंजूरी दी।
इसके अलावा, कंपनी ने अपनी पूरी तरह से स्वामित्व वाली सब्सिडियरी के स्टेक के अधिग्रहण और विनिवेश के लिए एक स्पेशल रेजोल्यूशन (Special Resolution) पास किया। यह कदम सीधे तौर पर कंपनी के रियल एस्टेट ऑपरेशंस को और मजबूती देगा।
कंपनी की नई रणनीति
मिस्टर अग्रवाल की नियुक्ति कंपनी के बोर्ड में उनके पद को औपचारिक रूप देती है और यह रियल एस्टेट सेक्टर में कंपनी की आक्रामक रणनीति को बढ़ावा देगी। सब्सिडियरी से जुड़ा यह ट्रांजैक्शन (Transaction) प्रॉपर्टी डेवलपमेंट और एसेट मैनेजमेंट में कंपनी की गहरी रणनीतिक भागीदारी का संकेत देता है।
रियल एस्टेट पर Cella Space का बढ़ता फोकस
Cella Space Ltd पहले से ही अपने रियल एस्टेट विस्तार पर सक्रिय है। फरवरी 2026 में, कंपनी ने इंडस्ट्रियल वेयरहाउसिंग और लैंड डेवलपमेंट क्षमताओं को मजबूत करने के लिए विजय लॉजिस्टिक्स पार्क्स प्राइवेट लिमिटेड को अपनी सब्सिडियरी के रूप में अधिग्रहित किया था। शेयरधारकों की यह मंजूरी रियल एस्टेट सौदों को विशिष्ट संस्थाओं के माध्यम से आगे बढ़ाने के कंपनी के मौजूदा फैसले पर आधारित है। अखिलेश अग्रवाल का Cella Space के साथ जुड़ाव पहले से ही है; उन्होंने 2026 की शुरुआत में ही इंडिपेंडेंट डायरेक्टर से एडिशनल डायरेक्टर के पद पर ट्रांजिशन किया था, जिसे अब शेयरधारकों की सहमति मिल गई है।
शेयरधारकों के फैसले का असर
अब कंपनी नई डायरेक्टर के साथ अपने बोर्ड निर्णयों को प्रभावित करने की स्थिति में है। कंपनी को अब अपनी सब्सिडियरीज के माध्यम से जटिल रियल एस्टेट ट्रांजैक्शन को एग्जीक्यूट (Execute) करने का अधिकार मिल गया है। यह कंपनी के प्रॉपर्टी पोर्टफोलियो और डेवलपमेंट एक्टिविटीज को बढ़ाने की उनकी केंद्रित प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
प्रमुख जोखिम और अनुपालन इतिहास
Cella Space को अतीत में रेगुलेटरी कंप्लायंस (Regulatory Compliance) से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ा है। BSE ने FY17 के लिए वित्तीय स्टेटमेंट जमा न करने पर ₹16,68,947 का जुर्माना लगाया था। हालांकि, कंपनी ने कहा है कि इस पेनल्टी का उसके परिचालन पर कोई खास असर नहीं पड़ा। इसके अलावा, डायरेक्टर बदलावों की रिपोर्टिंग में देरी और 2019 में SAT द्वारा लगाए गए पेनल्टी (जो बाहरी कारणों से शेयर लिस्टिंग में देरी के कारण हुई थी) जैसे मामले कंपनी के लिए रेगुलेटरी नियमों का सख्ती से पालन करने की आवश्यकता को दर्शाते हैं।
इंडस्ट्री से तुलना
DLF और Prestige Estates Projects जैसी बड़ी रियल एस्टेट कंपनियां अक्सर रेजिडेंशियल, कमर्शियल और रिटेल सेक्टर्स में लैंड एक्विजिशन (Land Acquisition) और प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन के लिए सब्सिडियरीज का इस्तेमाल करती हैं। Embassy Office Parks REIT और Mindspace Business Parks REIT जैसे REITs (रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट) बड़े पोर्टफोलियो का प्रबंधन करते हैं, जिनसे मुख्य रूप से रेंटल इनकम (Rental Income) जनरेट होती है। Cella Space की रणनीति भी रियल एस्टेट डेवलपमेंट के लिए स्पेशलाइज्ड एंटिटीज (Specialized Entities) का उपयोग करने के इंडस्ट्री के चलन के अनुरूप है।
हालिया वित्तीय नतीजे
FY26 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में, Cella Space ने कुल आय ₹72.44 लाख और ₹43.48 लाख का नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया। हालांकि, कंपनी ने नौ महीनों के लिए पॉजिटिव कॉम्प्रिहेंसिव इनकम (Comprehensive Income) रिपोर्ट की है।
आगे क्या देखना है?
आने वाले समय में ई-वोटिंग (e-voting) के नतीजों और कंसोलिडेटेड स्क्रूटिनाइजर रिपोर्ट (Consolidated Scrutinizer Report) को स्टॉक एक्सचेंजों को भेजा जाएगा। स्क्रूटिनाइजर रिपोर्ट कंपनी की वेबसाइट पर भी अपलोड की जाएगी। इसके अलावा, सब्सिडियरी ट्रांजैक्शन और उनके एक्जीक्यूशन प्लान्स के बारे में विस्तृत घोषणाओं पर नजर रखनी होगी। साथ ही, मिस्टर अग्रवाल की बोर्ड की रणनीति और रियल एस्टेट डेवलपमेंट में भूमिका पर भी अपडेट्स देखने को मिलेंगे।