Brigade Enterprises ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। पूरे साल के लिए कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 7% बढ़कर ₹725 करोड़ रहा। यह वृद्धि मुख्य रूप से कंपनी के हॉस्पिटैलिटी और कमर्शियल बिजनेस सेगमेंट से मिले मजबूत सपोर्ट की वजह से संभव हुई।
कंपनी के रेजिडेंशियल सेगमेंट की बात करें तो, पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए कुल प्री-सेल्स ₹7,424 करोड़ रहे, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) की तुलना में 5% कम हैं। कंपनी मैनेजमेंट ने इसका मुख्य कारण प्रोजेक्ट अप्रूवल मिलने में हो रही देरी को बताया है। इसके बावजूद, कंपनी ने रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी की कीमतों में 9% की बढ़ोतरी दर्ज की है, जिससे प्रति वर्ग फुट औसत कीमत ₹12,107 हो गई है।
कमर्शियल ऑपरेशंस भी काफी मजबूत रहे, जहाँ कंपनी ने साल भर में लगभग 1.1 मिलियन वर्ग फुट जगह लीज पर दी। वहीं, कमर्शियल पोर्टफोलियो से रेंटल कलेक्शन लगभग 99% पर बना रहा। हॉस्पिटैलिटी डिवीजन ने रेवेन्यू और EBITDA में 15% की शानदार ईयर-ऑन-ईयर ग्रोथ हासिल की, भले ही कुछ ग्लोबल टेंशन के कारण इवेंट कैंसलेशन हुए हों।
कंपनी की वित्तीय सेहत मजबूत बनी हुई है। FY26 के अंत तक, नेट डेट ₹2,278 करोड़ था और डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.27 दर्ज किया गया। यह दिखाता है कि कैसे कंपनी का डायवर्सिफाइड बिजनेस मॉडल, खासकर कमर्शियल लीजिंग और हॉस्पिटैलिटी से मिलने वाली स्थिर आमदनी, रेजिडेंशियल मार्केट की अस्थिरता को कम करती है। Brigade Enterprises साउथ इंडिया में एक प्रमुख रियल एस्टेट डेवलपर है, जो रेजिडेंशियल, कमर्शियल, हॉस्पिटैलिटी और रिटेल प्रोजेक्ट्स में सक्रिय है।
आगे देखते हुए, Brigade ने FY27 के लिए एक बड़ा लक्ष्य रखा है। कंपनी का इरादा ₹9,000 करोड़ की प्री-सेल्स हासिल करने का है, जो FY26 के मुकाबले 20% की बढ़ोतरी होगी। इस लक्ष्य को पाने के लिए, Brigade FY27 में 11.6 मिलियन वर्ग फुट रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स लॉन्च करने की योजना बना रही है, जिनकी कुल प्रोजेक्ट वैल्यू करीब ₹11,900 करोड़ होगी। इसके अलावा, कंपनी FY27-28 के दौरान अपने कमर्शियल पोर्टफोलियो में ₹6,000 करोड़ का निवेश करने की योजना बना रही है, जो डेट और इंटरनल एक्रूल से फंड किया जाएगा। Brigade अपनी रेजिडेंशियल रणनीति को अल्ट्रा-लक्जरी प्रोजेक्ट्स से हटाकर मिड-सेगमेंट की ओर शिफ्ट कर रही है।
हालांकि, कंपनी के सामने कुछ मुख्य जोखिम भी हैं। अप्रूवल मिलने में लगातार देरी रेजिडेंशियल प्री-सेल्स को प्रभावित कर सकती है। साथ ही, वर्ल्ड ट्रेड सेंटर (WTC) बैंगलोर में एंकर टेनैंट अमेज़न द्वारा 630,000 वर्ग फुट की जगह खाली करने से भी चुनौती बढ़ सकती है, क्योंकि यह सिंगल बड़े टेनैंट पर निर्भरता का जोखिम दिखाता है। निवेशकों की नजर Brigade की FY27 के लिए 20% प्री-सेल्स ग्रोथ के लक्ष्य को हासिल करने की क्षमता पर रहेगी। साथ ही, WTC बैंगलोर में खाली हुई जगह को फिर से लीज पर देने की प्रगति और ₹6,000 करोड़ के कमर्शियल कैपेक्स प्लान का निष्पादन महत्वपूर्ण होगा।
