दमदार मुनाफे के साथ कंपनी ने पेश किए शानदार नतीजे
Brigade Enterprises Limited ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने नतीजों का ऐलान किया है। कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू ₹5,697.22 करोड़ रहा, जबकि प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹724.76 करोड़ दर्ज किया गया।
शेयरधारकों को मिलेगा तोहफा: डिविडेंड और बोनस
कंपनी के बोर्ड ने ₹2 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। इसके अलावा, बोर्ड ने 1:3 के अनुपात में बोनस इश्यू को भी मंजूरी दे दी है, यानी हर तीन शेयर पर एक नया शेयर मिलेगा। यह प्रस्ताव शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन है।
भविष्य की ग्रोथ के लिए कैपिटल का इंतजाम
कंपनी ने भविष्य की ग्रोथ और कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल को ₹250 करोड़ से बढ़ाकर ₹400 करोड़ करने का भी प्रस्ताव दिया है।
स्टैंडअलोन परफॉर्मेंस
स्टैंडअलोन बेसिस पर, FY26 के लिए रेवेन्यू ₹2,624.18 करोड़ रहा, जिसमें PAT ₹277.47 करोड़ दर्ज किया गया।
कंपनी के सामने चुनौतियाँ
हालांकि, कंपनी के सामने कुछ चुनौतियाँ भी हैं। कंपनी एक ज्वॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट (JDA) से जुड़े रिफंडेबल डिपॉजिट्स को लेकर चल रहे मुकदमे में फंसी है, हालांकि मैनेजमेंट को उम्मीद है कि ये रकम वसूल हो जाएगी।
इसकी सब्सिडियरी, Brigade Hotel Ventures Limited (BHVL), पर ₹9,222 लाख के प्रॉपर्टी टैक्स का डिमांड नोटिस है, जिस पर कंपनी विवाद कर रही है। दिसंबर 2025 में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा की गई सर्वे में कोई खास समायोजन (adjustment) की उम्मीद नहीं है, सिवाय उन अमाउंट्स के जो पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं।
इसके अलावा, 21 नवंबर, 2025 से लागू होने वाले नए लेबर कोड (Labour Codes) कर्मचारी बेनिफिट अकाउंटिंग को प्रभावित कर सकते हैं, जब तक कि इसके नियमों को स्पष्ट नहीं किया जाता। कंपनी ने यह भी बताया कि एक पोस्ट-बैलेंस शीट इवेंट में Vibrancy Real Estates Private Limited में उसकी शेयरधारिता 50% तक कम हो गई है।
कॉम्पिटिटिव मार्केट
Brigade Enterprises रियल एस्टेट मार्केट में Oberoi Realty Ltd., Prestige Estates Projects Ltd., Sobha Ltd., और Godrej Properties Ltd. जैसे बड़े डेवलपर्स के साथ प्रतिस्पर्धा करती है।
आगे क्या?
निवेशक अब शेयरधारकों से बोनस इश्यू और डिविडेंड के लिए मिलने वाली मंजूरी का बेसब्री से इंतजार करेंगे। बोनस शेयर आवंटन के लिए रिकॉर्ड डेट (record date) की घोषणा अहम होगी। इसके अलावा, चल रहे कानूनी मामलों और सब्सिडियरी के प्रॉपर्टी टैक्स विवाद के समाधान की प्रगति पर भी बारीकी से नजर रखी जाएगी।
