मुनाफे में कैसे लौटी Bombay Dyeing?
Bombay Dyeing & Manufacturing Company Ltd ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने ₹26.92 करोड़ का नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है। यह पिछले दो सालों, FY25 में ₹150 करोड़ और FY24 में ₹200 करोड़ के बड़े नुकसान के मुकाबले एक अहम सुधार है।
FY26 के लिए, कंपनी का रेवेन्यू ₹1,605.43 करोड़ रहा। साथ ही, इस फाइनेंशियल ईयर के लिए कुल कॉम्प्रिहेंसिव इनकम ₹522.02 करोड़ दर्ज की गई। चौथी तिमाही (Q4 FY26) में भी कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा, जिसमें ₹21.04 करोड़ का PAT दर्ज किया गया।
शेयरधारकों के लिए खुशखबरी और बड़ा फैसला
कंपनी के बोर्ड ने ₹0.40 प्रति इक्विटी शेयर के हिसाब से 20% फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है।
हालांकि, कंपनी ने ₹350 करोड़ के अपने नियोजित राइट्स इश्यू को आगे न बढ़ाने का फैसला किया है। यह कदम फंड जुटाने की रणनीतियों में बदलाव का संकेत देता है, जिसका असर कंपनी की रियल एस्टेट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स की रफ्तार पर पड़ सकता है।
इसके अलावा, कंपनी शेयरधारकों से राजेश कुमार बत्रा को एक और पांच साल के लिए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर फिर से नियुक्त करने की मंजूरी मांगेगी।
SEBI के साथ कानूनी जंग जारी
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के साथ कंपनी का एक अहम कानूनी मामला अभी भी चल रहा है। SEBI ने FY11 से FY18 के बीच रेवेन्यू और प्रॉफिट को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने का आरोप लगाया था।
सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT) ने 16 जनवरी 2026 को SEBI के इस निर्देश को रद्द कर दिया था।
लेकिन, SEBI ने SAT के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है, जिस पर सुनवाई जारी है। इस सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई का नतीजा भविष्य में Bombay Dyeing के लिए वित्तीय रूप से महत्वपूर्ण हो सकता है।
रियल एस्टेट पर फोकस
Bombay Dyeing अपनी मुंबई स्थित प्राइम रियल एस्टेट संपत्तियों का लाभ उठाने पर तेजी से फोकस कर रही है। यह रणनीति कंपनी के भविष्य के विकास को गति देने के उद्देश्य से बनाई गई है, खासकर तब जब कंपनी अपने पारंपरिक टेक्सटाइल बिजनेस में कई सालों से वित्तीय दबाव का सामना कर रही थी।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों की निगाहें SEBI की अपील पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी रहेंगी। इसके अलावा, रियल एस्टेट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स की प्रगति और वैकल्पिक फंड जुटाने की योजनाओं पर भी बारीकी से नजर रखी जाएगी।
