टैक्स डिमांड और कंपनी का रुख
Bombay Dyeing को 27 मार्च 2026 को ₹2,53,73,222 (लगभग ₹2.53 करोड़) के टैक्स डिमांड ऑर्डर का सामना करना पड़ा है। इस मांग में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST), इंटरेस्ट और पेनल्टी शामिल हैं। यह मामला फाइनेंशियल ईयर 2019-20 के लिए फ्लैट सेल्स पर लगाए गए इंफ्रास्ट्रक्चर चार्जेस से जुड़ा है।
कंपनी ने एक बयान में कहा है कि इस टैक्स डिमांड का उसके रोजमर्रा के कामकाज पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। Bombay Dyeing ने इस ऑर्डर के खिलाफ अपीलेट अथॉरिटी में अपील दाखिल करने की योजना बनाई है।
कंपनी का रीब्रांडिंग और रियल एस्टेट पर फोकस
यह टैक्स डिमांड ऐसे समय में आई है जब Bombay Dyeing, जो कि वाडिया ग्रुप का हिस्सा है, अपने पारंपरिक टेक्सटाइल बिजनेस से हटकर रियल एस्टेट डेवलपमेंट पर ज्यादा ध्यान केंद्रित कर रही है। हाल ही में, सितंबर 2023 में कंपनी ने मुंबई के वोरली स्थित अपनी प्राइम लैंड ₹5,200 करोड़ में बेची थी। इस डील से कंपनी का कर्ज कम हुआ और नेट वर्थ में सुधार हुआ। हालांकि, कंपनी के टेक्सटाइल और रिटेल सेगमेंट को अभी भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, हाल की तिमाहियों में उनके लॉसेस बढ़े हैं और रेवेन्यू घटा है।
पुराने लीगल मामलों में मिली राहत
दिलचस्प बात यह है कि Bombay Dyeing को हाल के दिनों में कुछ नियामक मामलों में राहत भी मिली है। जनवरी 2026 में, सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT) ने सेबी (SEBI) द्वारा लगाए गए ₹15 करोड़ से ज्यादा के जुर्माने को पलट दिया था। यह मामला फ्लैट सेल्स में धोखाधड़ी के आरोपों से संबंधित था। इसके अलावा, फाइनेंशियल ईयर 2019-20 के एक पिछले जीएसटी अपील में, फरवरी 2026 में कंपनी की देनदारी ₹188.84 करोड़ से घटकर ₹123.28 करोड़ कर दी गई थी।
रियल एस्टेट और टेक्सटाइल में कॉम्पिटिशन
रियल एस्टेट सेक्टर में, Bombay Dyeing का मुकाबला डीएलएफ (DLF) लिमिटेड और गोदरेज प्रॉपर्टीज (Godrej Properties) लिमिटेड जैसे बड़े डेवलपर्स से है। वहीं, टेक्सटाइल सेगमेंट में इंडो काउंट (Indo Count), वेल्स्पन लिविंग (Welspun Living) और ट्राइडेंट (Trident) जैसे खिलाड़ियों से प्रतिस्पर्धा है।
निवेशक अब Bombay Dyeing द्वारा अपीलेट अथॉरिटी में दाखिल की जाने वाली अपील और उसके फैसले पर नजर रखेंगे।
