GST विभाग का बड़ा फैसला
जयपुर स्थित GST डिपार्टमेंट ने एक अहम सुधार आदेश (correction order) जारी किया है। इसके तहत, Ashiana Housing पर ₹2,69,465 के ब्याज (interest) की जो मांग की गई थी, उसे पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है।
यह ब्याज, टैक्स (tax) के भुगतान में हुई देरी के कारण लगाया गया था। मूल डिमांड ₹4,18,776 की थी, जिसमें से कंपनी पहले ही ₹1,49,311 का भुगतान कर चुकी थी। यह सुधार आदेश 1 अप्रैल, 2026 को जारी किया गया था, जबकि मूल डिमांड 30 मार्च, 2026 को आई थी।
कंपनी ने यह भी साफ किया है कि इस डेवलपमेंट (development) का उसके फाइनेंसियल (financial) या ऑपरेशनल (operational) पर कोई खास असर नहीं होगा। हालांकि, Ashiana Housing अपने सभी टैक्स रिकॉर्ड्स (tax records) की बारीकी से समीक्षा (review) कर रही है।
Ashiana Housing उत्तर भारत में मिडिल-क्लास और किफायती (affordable) हाउसिंग प्रोजेक्ट्स (projects) बनाने में माहिर है। रियल एस्टेट सेक्टर की कंपनियां अक्सर GST जैसे जटिल टैक्स नियमों का पालन करती हैं, जिसमें प्रोजेक्ट डेवलपमेंट और इनपुट टैक्स क्रेडिट (input tax credit) का हिसाब-किताब शामिल होता है।
फाइनेंशियल ईयर 2023 में, कंपनी का कन्सॉलिडेटेड रेवेन्यू (consolidated revenue) ₹873.43 करोड़ और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (profit after tax) ₹70.60 करोड़ रहा था। रियल एस्टेट सेक्टर में, Ashiana Housing, DLF Ltd. और Godrej Properties Ltd. जैसे बड़े खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा (competition) करती है।
