Ansal Properties: शेयरधारकों का बड़ा फैसला! बोर्ड में शामिल हुए 6 नए डायरेक्टर, संजय जैन बने चेयरमैन

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AuthorNeha Patil|Published at:
Ansal Properties: शेयरधारकों का बड़ा फैसला! बोर्ड में शामिल हुए 6 नए डायरेक्टर, संजय जैन बने चेयरमैन
Overview

Ansal Properties के शेयरधारकों ने कंपनी के बोर्ड को मजबूत करने के लिए छह नए डायरेक्टर्स की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। डाक मतपत्र (postal ballot) के जरिए हुए इस फैसले पर **20 मार्च 2026** को मुहर लगी, जबकि कंपनी अभी भी दिवालियापन (insolvency) और नियामक (regulatory) चुनौतियों से जूझ रही है।

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बोर्ड में नए चेहरों की एंट्री, नेतृत्व को मिलेगी मजबूती?

Ansal Properties and Infrastructure Limited के शेयरधारकों ने कंपनी के बोर्ड में बड़े फेरबदल को हरी झंडी दिखा दी है। 20 मार्च 2026 को समाप्त हुए डाक मतपत्र (postal ballot) प्रक्रिया में छह नए डायरेक्टर्स की नियुक्ति को मंजूरी मिली है, जिसमें एक नए चेयरमैन और एक होल टाइम डायरेक्टर भी शामिल हैं।

इस फैसले के तहत, श्री संजय जैन को चेयरमैन और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के पद पर नियुक्त किया गया है। उन्हें 99.48% वोट मिले, जो कुल 6,86,69,502 वोटों के बराबर है। वहीं, श्री सिद्धार्थ गोएंका को होल टाइम डायरेक्टर बनाया गया है। ये सभी छह डायरेक्टर अगले दो साल तक अपने पद पर रहेंगे और एक-दूसरे से संबंधित नहीं हैं। वोटिंग प्रक्रिया 19 फरवरी से 20 मार्च 2026 तक चली।

कंपनी का कहना है कि इन नियुक्तियों का मुख्य उद्देश्य कॉर्पोरेट गवर्नेंस (corporate governance) को मजबूत करना और कंपनी को एक नई रणनीतिक दिशा देना है।

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब Ansal Properties कई बड़ी वित्तीय मुश्किलों और कानूनी दांव-पेच से गुजर रही है। कंपनी की कई बड़ी परियोजनाओं में कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) चल रही है। नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) ने लखनऊ और राजस्थान की कुछ खास परियोजनाओं और संपत्तियों तक CIRP का दायरा सीमित कर दिया है।

इसके बावजूद, ग्रेटर नोएडा की 'Serene Residency Group Housing Project' के लिए समाधान योजना (resolution plan) को 6 अक्टूबर 2025 को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) से मंजूरी मिल चुकी है। साथ ही, गुड़गांव के 'Fernhill Project' का समाधान भी आगे बढ़ रहा है।

कंपनी को हालिया नियामक कार्रवाइयों का भी सामना करना पड़ रहा है। 25 फरवरी 2026 को, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुग्राम में कथित भूमि अधिग्रहण से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत आगरा में ₹598 करोड़ की जमीन कुर्क की थी। इसके अलावा, अप्रैल 2025 में आयकर विभाग ने भी तलाशी (search) और जब्ती (seizure) की कार्रवाई की थी।

नए नेतृत्व के साथ बोर्ड का यह पुनर्गठन (reconstitution) कंपनी के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है, जो मौजूदा इनसॉल्वेंसी प्रोसीडिंग्स और वित्तीय देनदारियों को सुलझाने में मदद करेगा। दूसरी ओर, DLF, Oberoi Realty और Godrej Properties जैसे डेवलपर्स के विपरीत, जिनके पास मजबूत बैलेंस शीट और विविध पोर्टफोलियो हैं, Ansal Properties गंभीर वित्तीय संकट और व्यापक CIRP के तहत काम कर रही है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.