Anant Raj के FY26 नतीजे: मुनाफे में 30.8% की बंपर ग्रोथ, डेटा सेंटर पर बड़ा दांव और डिमेर्जर की योजना
Anant Raj Ltd ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) के लिए दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी की कंसोलिडेटेड टोटल इनकम (Consolidated Total Income) में 22.80% की ग्रोथ दर्ज की गई, जो ₹2,579.08 करोड़ पर पहुंच गई। वहीं, नेट प्रॉफिट (Net Profit) में 30.81% का जोरदार उछाल आया और यह ₹557.02 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹425.82 करोड़ था।
चौथी तिमाही (Q4 FY26) का प्रदर्शन भी रहा मजबूत
कंपनी ने चौथी तिमाही (Q4 FY26) में भी अपनी मजबूत पकड़ दिखाई। इस तिमाही में टोटल इनकम (Total Income) पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 22.60% बढ़कर ₹675.41 करोड़ दर्ज की गई।
QIP से मिली मजबूती, ₹20,000 Cr के डेटा सेंटर प्रोजेक्ट की राह आसान
Anant Raj के लिए एक अहम खबर यह है कि कंपनी ने Qualified Institutional Placement (QIP) के जरिए ₹1,099.99 करोड़ की मोटी रकम जुटाई है। इस फंड से कंपनी की बैलेंस शीट (Balance Sheet) और मजबूत हुई है। यह पैसा ₹20,000 करोड़ की महत्वाकांक्षी डेटा सेंटर एक्सपेंशन (Data Center Expansion) योजना के लिए इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे कंपनी इस हाई-ग्रोथ वाले सेक्टर में अपनी मौजूदगी बढ़ा सकेगी।
रियल एस्टेट और डेटा सेंटर होंगे अलग? डिमेर्जर पर विचार
एक और बड़ी डेवलपमेंट यह है कि Anant Raj अपनी रियल एस्टेट (Real Estate) और डेटा सेंटर (Data Center) बिजनेस को अलग (Demerger) करने की संभावनाओं पर विचार कर रही है। इस स्ट्रैटेजिक कदम से दोनों बिजनेस यूनिट्स को स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ने और शेयरधारकों के लिए वैल्यू अनलॉक करने का मौका मिल सकता है।
शेयरधारकों को मिलेगा डिविडेंड, ₹15.81 रहा EPS
FY26 के लिए कंपनी का एनुअल ईपीएस (Annual EPS) ₹15.81 रहा। शेयरधारकों को पुरस्कृत करते हुए, बोर्ड ने 50% का फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) यानी ₹1 प्रति शेयर देने की सिफारिश की है।
जोखिम और पीयर कंपेरिजन (Peer Comparison)
₹20,000 करोड़ का डेटा सेंटर प्रोजेक्ट एक बड़ा निवेश है, जो एग्जीक्यूशन (Execution) और फंडिंग (Funding) जैसे रिस्क (Risk) लेकर आता है। कंपनी अपने ट्रेडिशनल रियल एस्टेट साथियों जैसे DLF Ltd, Oberoi Realty Ltd, और Prestige Estates Projects Ltd से अलग, डेटा सेंटर में बड़ा दांव लगा रही है। भविष्य में डिमेर्जर के नतीजों पर भी निवेशकों की पैनी नजर रहेगी।
