Delisting की ओर Tulive Developers, Altis Properties की हिस्सेदारी बढ़ी
Altis Properties Private Limited और इससे जुड़े Persons Acting in Concert (PACs) ने Tulive Developers Limited में 9.66% अतिरिक्त शेयर खरीदे हैं। यह खरीदारी 23 अप्रैल, 2026 को हुई, जिसके बाद Altis की कुल हिस्सेदारी बढ़कर 47.16% (यानी 10,16,063 शेयर) हो गई है। पहले यह हिस्सेदारी 37.50% (8,07,873 शेयर) थी। Tulive Developers का कुल इक्विटी शेयर कैपिटल ₹2,15,43,750 (यानी 10 रुपये वाले 21,54,375 शेयर) पर स्थिर है। यह कदम Tulive Developers Limited के शेयरों को BSE से Delist करने की बड़ी योजना का हिस्सा है।
माइनॉरिटी शेयरधारकों पर क्या होगा असर?
Altis Properties का 47% से ज्यादा हिस्सेदारी पर नियंत्रण, Tulive Developers को पब्लिक मार्केट से हटाने (Delisting) की कोशिशों को दर्शाता है। पब्लिक शेयरहोल्डर्स के लिए, इसका मतलब है कि जल्द ही कंपनी की ओर से एक Delisting Offer आ सकता है, जिससे उन्हें अपने शेयर बेचने का मौका मिलेगा।
कंपनी की पृष्ठभूमि और आगे की राह
Tulive Developers मुख्य रूप से रियल एस्टेट डेवलपमेंट, जिसमें रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स शामिल हैं, का काम करती है। Altis Properties एक इन्वेस्टमेंट कंपनी है जिसने Delisting को आसान बनाने के लिए Tulive Developers के शेयर जमा किए हैं। BSE से Delisting का मतलब है कि कंपनी पब्लिक मार्केट के नियमों और जांच से दूर चली जाएगी।
इन बातों पर रखें नजर
- माइनॉरिटी शेयरधारकों के लिए Delisting Offer Price का ऐलान सबसे महत्वपूर्ण होगा।
- BSE और SEBI से Delisting के लिए मिलने वाली Regulatory Approvals का इंतजार रहेगा।
- क्या किसी अन्य स्टेकहोल्डर की ओर से कोई Counter Offer आता है।
- BSE पर शेयर की Final Trading Date पर भी नजर रखनी होगी।
