Q4 में क्यों आया सेल्स का बंपर उछाल?
Aditya Birla Real Estate के लिए FY26 की चौथी तिमाही (Q4) अब तक की सबसे शानदार रही। कंपनी ने इस दौरान ₹4,288 करोड़ की प्री-सेल्स हासिल की, जो कि पिछली तिमाही के मुकाबले 69% ज्यादा है। इस रिकॉर्ड परफॉर्मेंस के पीछे 30 लाख वर्ग फुट की बिक्री और नए प्रोजेक्ट्स का लॉन्च रहा। खासकर, नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में लॉन्च हुए Birla Arika Phase 2 प्रोजेक्ट ने कमाल दिखाया। इसके लॉन्च हुए इन्वेंटरी का 97% बिक गया और इसने अकेले ₹1,600 करोड़ की सेल्स की। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में Birla Taranya प्रोजेक्ट से ₹952 करोड़ की सेल्स आई।
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) की बात करें तो, कंपनी ने कुल ₹8,136 करोड़ की प्री-सेल्स दर्ज की। साथ ही, कलेक्शन ₹3,341 करोड़ रहा। कंपनी ने मुंबई के खार में अपना पहला रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट भी लॉन्च किया है, जिससे ₹1,700 करोड़ का ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) मिलने की उम्मीद है। कमर्शियल प्रॉपर्टी सेगमेंट में भी कंपनी अच्छा कर रही है, जहां वकेंसी रेट कम है और ग्रेड A एसेट्स पर किराया बढ़ रहा है।
FY27 के लिए कंपनी ने क्यों नहीं दी सेल्स गाइडेंस?
इतनी बेहतरीन परफॉर्मेंस के बावजूद, Aditya Birla Real Estate मैनेजमेंट ने FY27 के लिए कोई स्पेसिफिक सेल्स गाइडेंस (Sales Guidance) देने से परहेज किया है। इसके पीछे मुख्य वजह रेगुलेटरी अप्रूवल्स (Regulatory Approvals) को लेकर अनिश्चितता है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) जैसे निकायों से अप्रूवल मिलने में देरी हो सकती है। इसके अलावा, ग्लोबल इकोनॉमिक और जियो-पॉलिटिकल फैक्टर्स भी कंपनी की लिक्विडिटी पर असर डाल सकते हैं।
कंपनी का प्लान और रिस्क फैक्टर्स
Aditya Birla Group की रियल एस्टेट कंपनी के पास ₹60,000 करोड़ का एक बड़ा प्रोजेक्ट पाइपलाइन है। कंपनी ITC Ltd की कमर्शियल प्रॉपर्टी पोर्टफोलियो को खरीदने पर भी विचार कर रही है, जो अप्रूवल के अधीन है। FY27 के लिए कंस्ट्रक्शन पर करीब ₹1,200 करोड़ खर्च होने का अनुमान है।
मैनेजमेंट ने FY28 के लिए टारगेटेड सेल्स को बढ़ाकर FY29 कर दिया है, जो भविष्य को लेकर उनकी सतर्कता को दर्शाता है। कंपनी के लिए NGT और पर्यावरण से जुड़े अप्रूवल का समय, कच्चे माल की बढ़ती कीमतें (खासकर तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण), सप्लाई चेन की दिक्कतें और लॉजिस्टिक्स में देरी जैसे रिस्क फैक्टर्स भी हैं।
मार्केट में Aditya Birla Real Estate का मुकाबला DLF Ltd, Oberoi Realty Ltd, और Prestige Estates Projects Ltd जैसी बड़ी कंपनियों से है। ITC के कमर्शियल प्रॉपर्टी डील के इस तिमाही में क्लोज होने से कंपनी का पोर्टफोलियो और मजबूत हो सकता है। आगे चलकर, रेगुलेटरी अप्रूवल का समय, ITC डील का क्लोजर, और नए प्रोजेक्ट्स के लॉन्च पर निवेशकों की नजर रहेगी।
