Aditya Birla Real Estate: ₹4.85 करोड़ का बड़ा झटका! मध्य प्रदेश सरकार ने ठोका भारी डिमांड नोटिस

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Aditya Birla Real Estate: ₹4.85 करोड़ का बड़ा झटका! मध्य प्रदेश सरकार ने ठोका भारी डिमांड नोटिस
Overview

Aditya Birla Real Estate Ltd को मध्य प्रदेश रेवेन्यू बोर्ड से स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस के तौर पर **₹4.85 करोड़** की अतिरिक्त मांग का एक आदेश मिला है। यह आदेश कंपनी की Century Yarn और Denim Units के FY2021-22 के दौरान हुए ट्रांसफर से जुड़ा है।

मध्य प्रदेश रेवेन्यू बोर्ड का आदेश

मध्य प्रदेश रेवेन्यू बोर्ड ने आदित्य बिरला रियल एस्टेट लिमिटेड को लगभग ₹4.85 करोड़ के अतिरिक्त स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस का भुगतान करने का आदेश दिया है। इस कुल मांग में ₹2.60 करोड़ जमीन के मूल्यांकन के लिए और ₹2.25 करोड़ प्लांट और मशीनरी के लिए शामिल हैं।

कंपनी को यह आदेश 23 मार्च, 2026 को मिला है। यह वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान Century Yarn और Denim Units के ट्रांसफर से संबंधित लेनदेन के लिए है। आपको बता दें कि आदित्य बिरला रियल एस्टेट लिमिटेड, जिसे पहले Century Textiles and Industries Limited के नाम से जाना जाता था, ने इस मांग को चुनौती देने का इरादा जताया है।

कंपनी का पक्ष

आदित्य बिरला रियल एस्टेट का कहना है कि उनकी इस कानूनी लड़ाई के कारण फिलहाल कंपनी के वित्तीय हालात, परिचालन या अन्य व्यावसायिक गतिविधियों पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। संपत्तियों के ट्रांसफर के लिए स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस एक महत्वपूर्ण लागत होती है, और इस तरह की पिछली तारीख से लागू होने वाली बड़ी मांगें, अगर सफलतापूर्वक चुनौती नहीं दी गईं तो वित्तीय दबाव पैदा कर सकती हैं।

क्या है पूरा मामला?

यह मांग इस आरोप पर आधारित है कि FY2021-22 में Century Yarn और Denim Units के ट्रांसफर के दौरान स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस का पूरा भुगतान नहीं किया गया था। हालांकि Century Yarn और Denim डिवीजनों का अधिग्रहण 2017 में Wearit Global द्वारा किया गया था, लेकिन मध्य प्रदेश से वर्तमान मांग विशेष रूप से FY2021-22 अवधि के संपत्ति हस्तांतरण के लिए है।

आगे क्या?

अब आदित्य बिरला रियल एस्टेट लिमिटेड रेवेन्यू बोर्ड के आदेश को चुनौती देने के लिए कानूनी कार्यवाही में शामिल होगी। कंपनी इस विवाद के नतीजे आने तक अपना सामान्य कामकाज जारी रखेगी। कंपनी के लिए मुख्य जोखिम यह है कि यदि स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस की मांग को चुनौती देने में उसकी अपील असफल रहती है, तो उसे संभावित वित्तीय नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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