BSE ने आदित्य बिड़ला रियल एस्टेट लिमिटेड (ABREL) के ₹250 करोड़ के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) में प्रस्तावित संशोधनों को अपनी इन-प्रिंसिपल मंजूरी दे दी है। 25 मार्च, 2026 को मिली इस मंजूरी के तहत, कंपनी अब कॉल ऑप्शन क्लॉज (call option clauses) जोड़ सकती है और 'मैंडेटरी रिडेम्पशन इवेंट' (Mandatory Redemption Event) की परिभाषा बदल सकती है।
इस मंजूरी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब ABREL पर ₹200 करोड़ की संपत्ति बिक्री की पुरानी सीमा नहीं रहेगी। पहले, कंपनी फाइनल रिडेम्पशन डेट (Final Redemption Date) तक ₹200 करोड़ से अधिक की संपत्ति नहीं बेच सकती थी। इस पाबंदी के हटने से कंपनी की वित्तीय फ्लेक्सिबिलिटी (financial flexibility) काफी बढ़ गई है, जिससे वह नए प्रोजेक्ट्स में निवेश, कर्ज चुकाने या अन्य रणनीतिक कदमों के लिए अपनी संपत्तियों का बेहतर इस्तेमाल कर सकेगी।
यह बदलाव कंपनी को भविष्य के फैसले लेने और बाजार के अवसरों का लाभ उठाने में अधिक सहूलियत देगा। ये ₹250 करोड़ के NCDs मूल रूप से 1 मार्च, 2024 को एक डिबेंचर ट्रस्ट डीड (Debenture Trust Deed) के तहत जारी किए गए थे। आदित्य बिड़ला ग्रुप की रियल एस्टेट शाखा, ABREL, जो पहले Century Textiles and Industries Limited के नाम से जानी जाती थी, 2016 से रियल एस्टेट सेक्टर में सक्रिय है और प्रीमियम रेजिडेंशियल व कमर्शियल प्रोजेक्ट्स पर फोकस करती है।
कंपनी को ₹4.85 करोड़ की स्टाम्प ड्यूटी shortfall की मांग का भी सामना करना पड़ रहा है, जिसे वह चुनौती देने की योजना बना रही है। मौजूदा बाजार परिदृश्य में, Macrotech Developers और Total Environment Group जैसे बड़े रियल एस्टेट प्लेयर भी NCDs के माध्यम से फंड जुटा रहे हैं, जो रियल एस्टेट डेट में निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है।
इन NCDs पर 8.05% का कूपन रेट (coupon rate) है और इन्हें ISIN INE055A08045 के तहत जारी किया गया था।
