Yash Trading बनी Lexora Global, अब गुजरात से होगा कामकाज
18 मार्च 2026 को Yash Trading and Finance Limited की एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) में शेयरहोल्डर्स ने सर्वसम्मति से कंपनी के बड़े बदलावों को मंजूरी दे दी है। सभी नौ स्पेशल रेजोल्यूशन्स के पक्ष में 100% वोट पड़े। इस ऐतिहासिक फैसले के तहत, कंपनी का नाम बदलकर 'Lexora Global Limited' कर दिया गया है और इसका रजिस्टर्ड ऑफिस अब महाराष्ट्र के बजाय गुजरात में शिफ्ट होगा।
शेयरहोल्डर्स की बैठक में क्या हुआ?
मीटिंग में 11 शेयरहोल्डर्स ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हिस्सा लिया, जो कुल 10,000,000 शेयर्स का 22.40% वोटिंग शेयर दर्शाते हैं। शेयरहोल्डर्स की मंजूरी के साथ ही पांच नए डायरेक्टर्स की नियुक्ति को भी हरी झंडी मिल गई है, जिससे कंपनी के नेतृत्व में बड़ा फेरबदल हुआ है।
स्ट्रैटेजिक बदलाव और भविष्य की राह
Lexora Global Limited के रूप में रीब्रांडिंग कंपनी की पहचान में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है, जो संभवतः एक नई स्ट्रैटेजिक दिशा को दर्शाता है। गुजरात में ऑफिस शिफ्ट करने का मकसद एडमिनिस्ट्रेटिव सुविधा और लागत में संभावित कमी लाना है। यह बदलाव उन कंपनियों के लिए एक नई शुरुआत हो सकती है जिन्होंने हाल के वर्षों में नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया है और जिनके पास फिलहाल कोई बड़ी बिजनेस एक्टिविटी नहीं है।
पिछला इतिहास और नए कदम
कंपनी के बोर्ड ने 14 फरवरी 2026 को ही इन बदलावों को मंजूरी दे दी थी। 'Lexora Global Limited' नाम को कंपनी की भविष्य की ब्रांडिंग स्ट्रेटेजी के साथ अलाइन करने के लिए चुना गया है। कंपनी को 2011-12 में प्रदीप कुमार सेठी ने अधिग्रहित किया था। कंपनी का पिछला रिकॉर्ड नियामक जांचों से भी जुड़ा रहा है, जिसमें 2004 में SEBI द्वारा लगाया गया जुर्माना और 2011-12 में एक पूर्व प्रमोटर के सौदों की जांच शामिल है।
नए नेतृत्व का असर
अब कंपनी Lexora Global Limited के नाम से जानी जाएगी और गुजरात से अपना संचालन करेगी। पांच नए डायरेक्टर्स का जुड़ना नेतृत्व और स्ट्रैटेजी में बड़े पुनर्गठन का संकेत है, जिसका उद्देश्य कंपनी को भविष्य की पहलों के लिए तैयार करना है।
आगे की चुनौतियां
कॉर्पोरेट पुनर्गठन के बावजूद, Yash Trading and Finance Limited ने पिछले फाइनेंशियल इयर्स में नेट लॉस की रिपोर्टिंग की है और फिलहाल कोई खास बिजनेस ऑपरेशन नहीं चल रहा है। SEBI पेनल्टी और पूर्व प्रमोटर से जुड़ी जांच जैसे पिछले नियामक एक्शन कंप्लायंस (Compliance) चुनौतियों की ओर इशारा करते हैं। सितंबर 2024 तक, कुछ पेंडिंग मुकदमेबाजी भी थी जो कंपनी को प्रभावित कर सकती है।
इंडस्ट्री के अन्य उदाहरण
हाल ही में SER Industries Limited ने भी 19 मार्च 2026 को अपना नाम बदलकर Desi Farms India Limited कर लिया था, जो स्ट्रैटेजिक बदलाव को दर्शाता है। इसी तरह, BMT India ने 2023 में Merizen के रूप में रीब्रांडिंग की थी। Reliance Industries जैसी बड़ी कंपनियों ने भी ऑपरेशनल एफिशिएंसी के लिए गुजरात जैसे राज्यों में रजिस्टर्ड ऑफिस शिफ्ट करने पर विचार किया है।
फाइनेंशियल स्नैपशॉट
14 मार्च 2026 तक, Yash Trading and Finance Limited का PE Ratio -576.45 और PB Ratio 17.02 (Standalone) था। कंपनी ने अपने पिछले फाइनेंशियल ईयर में नेट लॉस रिपोर्ट किया था।
