कमेटियों में भी हुए अहम फेरबदल
बोर्ड में हुए इन बदलावों के बाद, 1 अप्रैल, 2026 से कंपनी की दो अहम कमेटियों - ऑडिट कमेटी और नॉमिनेशन एंड रेमुनरेशन कमेटी - का पुनर्गठन भी किया गया है। इन नई कमेटियों में श्री श्याम खंडेल्वाल चेयरमैन की भूमिका निभाएंगे, जबकि श्री सुनील कांतिलाल त्रिवेदी और श्रीमती राधा चोटालिया सदस्य के तौर पर शामिल होंगे।
कंपनी की स्थिति और गवर्नेंस का महत्व
West Leisure Resorts Limited, जो 2008 में स्थापित हुई और 2014 से BSE पर लिस्टेड है, एक कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (CIC) के तौर पर काम करती है। अब कंपनी का फोकस लेजर और हॉस्पिटैलिटी से हटकर मुख्य रूप से निवेश, लेंडिंग और मैनपावर सप्लाई पर है।
कॉर्पोरेट गवर्नेंस और स्ट्रैटेजिक ओवरसाइट के लिए बोर्ड की संरचना बहुत मायने रखती है। ऐसे में, यह देखना अहम है कि कंपनी के बोर्ड सदस्यों का औसत कार्यकाल लगभग 1.6 साल है, जबकि मैनेजमेंट टीम का औसत कार्यकाल करीब 0.3 साल है। बोर्ड सदस्यों का यह छोटा कार्यकाल कंपनी के फैसलों और रणनीतियों के लिए एक चुनौती साबित हो सकता है।
