कोर्ट का बड़ा फैसला: कितना चुकाना होगा?
द्वारका, नई दिल्ली स्थित कमर्शियल कोर्ट के डिस्ट्रिक्ट जज ने Vishal Mega Mart Ltd. की सब्सिडियरी Airplaza Retail Holdings Private Limited के लिए एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने सब्सिडियरी को किराये और GST के बकाये के तौर पर ₹72.12 लाख (यानी ₹0.72 करोड़) की रकम का भुगतान करने का निर्देश दिया है। इस पर 1 अगस्त, 2023 से 18% की सालाना दर से ब्याज भी जोड़ा जाएगा। यह मामला सरोज गुप्ता द्वारा दायर ₹1.16 करोड़ के दावे से जुड़ा था, जिसे कोर्ट ने सब्सिडियरी द्वारा पहले किए गए सिक्योरिटी डिपॉजिट और अन्य भुगतानों को ध्यान में रखते हुए अंतिम रूप दिया। कंपनी को यह कोर्ट ऑर्डर 13 अप्रैल, 2026 को मिला।
कंपनी की प्रतिक्रिया और असर
Vishal Mega Mart Ltd. ने स्पष्ट किया है कि यह वित्तीय देनदारी सिर्फ तय की गई रकम तक ही सीमित है और इससे कंपनी के ऑपरेशन्स या अन्य बिजनेस एक्टिविटीज पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। यह मामला बड़ी रिटेल ग्रुप्स की सब्सिडियरी कंपनियों के सामने आने वाले ऑपरेशनल मुद्दों को भी उजागर करता है, खासकर जब प्रत्यक्ष वित्तीय जोखिम सीमित हो।
पिछली कानूनी और रेगुलेटरी दिक्कतें
यह पहली बार नहीं है जब Airplaza Retail Holdings Private Limited, जो Vishal Mega Mart के रिटेल और ऑनलाइन कारोबार का अहम हिस्सा है, किसी कानूनी या रेगुलेटरी पचड़े में फंसी हो। इससे पहले, इसी सब्सिडियरी को रेवाड़ी कोर्ट ने फूड सेफ्टी नियमों के उल्लंघन के लिए ₹1 लाख का जुर्माना लगाया था। साथ ही, TDS (Tax Deducted at Source) नियमों का पालन न करने पर इनकम टैक्स विभाग का ₹3.29 करोड़ का आदेश भी इसे मिल चुका है। खुद Vishal Mega Mart भी ग्राहकों की शिकायतों, प्रोडक्ट क्वालिटी और पिछले समय में एक ऑपरेशनल क्रेडिटर द्वारा फाइल की गई इंसॉल्वेंसी याचिका जैसी कई चुनौतियों का सामना कर चुकी है। इसकी संबंधित इकाई, Vishal Retail Ltd., ने भी पहले मकान मालिकों के साथ बड़े किराये के विवाद देखे हैं।
आगे क्या होगा?
अब Airplaza Retail Holdings Private Limited के पास दो विकल्प हैं: या तो कोर्ट द्वारा तय की गई रकम और ब्याज का भुगतान कर दे, या कानूनी अपील के लिए आगे बढ़े। Vishal Mega Mart Ltd. सब्सिडियरी के इस कदम और किसी भी डेवलपमेंट पर बारीकी से नजर रखेगी। यह मामला निवेशकों को कंपनी की सब्सिडियरी से जुड़े ऑपरेशनल और कानूनी चुनौतियों की गहरी समझ देगा। कोर्ट के इस आदेश को चुनौती दी जा सकती है, और सब्सिडियरी अभी अपने विकल्पों पर विचार कर रही है, जिसका मतलब है कि आगे की कानूनी कार्यवाही संभव है।
बाजार का संदर्भ
Vishal Mega Mart, वैल्यू रिटेल सेगमेंट में Avenue Supermarts (DMart) और Reliance Retail जैसे बड़े खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। हालांकि यह विशेष मामला एक सब्सिडियरी और संपत्ति मालिक से जुड़ा है, लेकिन किराये के विवाद रिटेल सेक्टर में आम हैं, खासकर आर्थिक बदलाव के दौर में, जब मकान मालिक और किरायेदार अपने अनुबंधों का पालन करते हैं।