Unifinz Capital: 13% ब्याज का दांव! कंपनी ने NCDs से जुटाए ₹35 करोड़, जानिए निवेशकों के लिए क्या है खास

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Unifinz Capital: 13% ब्याज का दांव! कंपनी ने NCDs से जुटाए ₹35 करोड़, जानिए निवेशकों के लिए क्या है खास
Overview

Unifinz Capital India Ltd ने अपने विस्तार और संचालन को और मजबूत करने के लिए **13%** सालाना इंटरेस्ट रेट वाली नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के जरिए **₹35 करोड़** जुटाने का ऐलान किया है। कंपनी इस फंडरेज़िंग को **₹55 करोड़** तक बढ़ा सकती है।

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फंड जुटाने का पूरा प्लान

कंपनी की फाइनेंस कमेटी ने इन NCDs को जारी करने की मंजूरी दे दी है। कुल 35,000 NCDs पेश की जाएंगी, हर एक का मूल्य ₹10,000 होगा। ये डिबेंचर्स 23 अप्रैल, 2028 को मैच्योर होंगे।

ब्याज दर और सुरक्षा

इन NCDs पर 13.00% का फिक्स्ड एनुअल इंटरेस्ट रेट मिलेगा, जिसका भुगतान हर महीने किया जाएगा। यह कर्ज कंपनी की पहचान की गई बुक डेट्स (Book Debts) और रिसीवेबल्स (Receivables) के मुकाबले सुरक्षित होगा, जिसमें कम से कम 1.20 गुना का सिक्योरिटी कवर होगा।

फंड का इस्तेमाल

इस फंड का इस्तेमाल Unifinz Capital अपने ऑपरेशन्स को बढ़ाने, 'lendingplate' ब्रांड के तहत रिटेल लेंडिंग एक्टिविटीज को सपोर्ट करने, लोन पोर्टफोलियो का विस्तार करने और वर्किंग कैपिटल को मैनेज करने के लिए करेगी। यह कदम कंपनी को डेट मार्केट से फंडिंग जुटाकर आगे बढ़ने की रणनीति का हिस्सा है।

निवेशकों के लिए क्या है खास?

निवेशकों के लिए, ये NCDs सालाना 13% का फिक्स्ड यील्ड (Fixed Yield) ऑफर कर रही हैं। हालांकि, इससे कंपनी का कुल लेवरेज (Leverage) और डेट-टू-इक्विटी रेश्यो (Debt-to-Equity Ratio) बढ़ेगा, जिससे इंटरेस्ट खर्च में वृद्धि हो सकती है और भविष्य की प्रॉफिटेबिलिटी पर असर पड़ सकता है।

कंपनी की वित्तीय स्थिति

Unifinz Capital एक रिटेल लेंडिंग एनबीएफसी (NBFC) के तौर पर काम करती है। 31 दिसंबर, 2025 तक, कंपनी की नेट वर्थ ₹145 करोड़ थी और गियरिंग (Gearing) 1.2 गुना थी। कंपनी ने 25 फरवरी, 2026 से पहले के छह महीनों में लगभग ₹222 करोड़ का औसत मंथली कलेक्शन दर्ज किया था, और 2025 के अंत में इसका कुल बकाया कर्ज लगभग ₹177 करोड़ था।

जोखिम और आगे की राह

निवेशकों के लिए एक मुख्य जोखिम यह है कि अगर इंटरेस्ट या प्रिंसिपल पेमेंट्स में तीन महीने से अधिक की देरी होती है, तो बकाया राशि पर अतिरिक्त 4% का एनुअल इंटरेस्ट लागू होगा। निवेशक इन NCDs के सफल अलॉटमेंट और बीएसई होलसेल डेट मार्केट (BSE Wholesale Debt Market) पर लिस्टिंग पर नजर रखेंगे। भविष्य में, कंपनी फंड्स का इस्तेमाल कैसे करती है, एसेट ग्रोथ पर इसका क्या असर होता है, और यह अपनी आय और मुनाफे के मुकाबले कर्ज चुकाने की क्षमता को कैसे बनाए रखती है, इन सब पर नजर रखी जाएगी।

इंडस्ट्री लैंडस्केप

Unifinz Capital, एनबीएफसी सेक्टर में बड़े खिलाड़ियों जैसे Bajaj Finance और Muthoot Finance, और MAS Financial Services जैसी अन्य लिस्टेड फर्मों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है, जो सभी फंडिंग के लिए डेट मार्केट पर निर्भर हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.