13 मई, 2026 को Tirupati Fincorp Limited के बोर्ड की एक अहम मीटिंग होने जा रही है। इस मीटिंग में कंपनी अपने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 (जो 31 मार्च 2026 को समाप्त हुआ) के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स को मंजूरी देगी। इसके अलावा, कंपनी इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेक्टर में निवेश और शेयर कैपिटल रिडक्शन जैसे बड़े स्ट्रेटेजिक मुद्दों पर भी विचार करेगी।
मीटिंग के एजेंडे में Tirupati Supereco Automotive Holding Company Limited में इन-प्रिंसिपल अप्रूवल (in-principle approval) देने का प्रस्ताव शामिल है। यह कदम कंपनी के EV बाजार में उतरने की मंशा को दर्शाता है, जहां यह इलेक्ट्रिक स्कूटर्स, रिक्शा और गोल्फ कार्ट जैसे वाहन बनाती है।
शेयर कैपिटल को कम करने (share capital reduction) से जुड़े प्रस्तावों की भी समीक्षा की जाएगी। साथ ही, M/s. TRS & CO को फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए इंटरनल ऑडिटर (internal auditor) के तौर पर फिर से नियुक्त करने पर भी मुहर लग सकती है। कंपनी ने अपने सिक्योरिटीज के लिए ट्रेडिंग विंडो बंद कर दी है, जो मीटिंग खत्म होने के 48 घंटे बाद खुलेगी।
Tirupati Fincorp के लिए ये फैसले रणनीतिक रूप से काफी अहम हो सकते हैं। 1982 में स्थापित यह फाइनेंस कंपनी अतीत में कुछ नियामक चुनौतियों से गुजर चुकी है, जिसमें SEBI और RBI से जुड़े मामले शामिल हैं। हालिया वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो, Q3 FY26 में कंपनी का नेट लॉस घटकर ₹260.26 लाख रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹669.20 लाख था। फाइनेंशियल ईयर 25 में कंपनी का रेवेन्यू लगभग ₹111 करोड़ दर्ज किया गया था।
हालांकि, कंपनी को रेगुलेटरी जांच, लगातार नेट लॉस और कैपिटल स्ट्रक्चर में संभावित बदलाव जैसे जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है। NBFC सेक्टर की बड़ी कंपनियों के मुकाबले Tirupati Fincorp का स्केल अभी छोटा है। ऐसे में, EV जैसे नए बाजार में उतरने का फैसला कंपनी के भविष्य के लिए एक बड़ा कदम साबित हो सकता है, जिस पर निवेशकों की पैनी नजर रहेगी।
