शेयरधारकों ने दी फंड जुटाने की मंजूरी
Taylormade Renewables Limited ने 30 मार्च 2026 को आयोजित अपनी एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) में यह महत्वपूर्ण फैसला लिया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस 41 मिनट की मीटिंग में 54 सदस्यों ने हिस्सा लिया और कंपनी को नॉन-प्रमोटर निवेशकों को फुली कन्वर्टिबल वारंट्स जारी करने की इजाजत दे दी।
शुगर टेक्नोलॉजी को मिलेगी रफ्तार
इस मंजूरी के बाद कंपनी अपनी पेटेंटेड शुगर मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी के कमर्शियलाइजेशन (व्यावसायीकरण) के लिए फंड जुटा सकेगी। इस वारंट इश्यू से कंपनी ₹12.30 करोड़ से लेकर ₹12.35 करोड़ तक की रकम हासिल कर सकती है। हालांकि, नए शेयर जारी होने से मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी (ownership stake) पर असर पड़ सकता है, जिस पर निवेशक पैनी नजर रखेंगे।
कंपनी का बैकग्राउंड और फंडरेज़िंग का इतिहास
Taylormade Renewables रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में काम करती है, जो सोलर पैराबोलिक कंसंट्रेटिंग सिस्टम्स और ईपीसी सॉल्यूशंस बनाती है। कंपनी का वारंट इश्यू से फंड जुटाने का इतिहास रहा है। अक्टूबर 2025 और फरवरी 2026 में भी इसकी पेटेंटेड शुगर टेक्नोलॉजी के लिए बोर्ड से मंजूरी मिली थी। हालांकि, जनवरी 2026 में प्रस्तावित एक प्रेफरेंशियल इश्यू सब्स्क्रिप्शन मनी नहीं मिलने के कारण सफल नहीं हो पाया था। इसके अलावा, 31 मार्च 2025 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए कंपनी के ऑडिटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स पर क्वालिफाइड ओपिनियन (qualified audit opinion) आया था, जिससे गवर्नेंस ट्रांसपेरेंसी पर सवाल उठे थे।
आगे क्या देखना होगा?
अब निवेशक इस बात पर करीब से नजर रखेंगे कि कंपनी इन वारंट्स को सफलतापूर्वक आवंटित करती है और जुटाए गए फंड का सही इस्तेमाल शुगर टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट में करती है या नहीं। पिछले साल के ऑडिट में आई खामियां और जनवरी 2026 में फंड जुटाने में आई विफलता कंपनी की कैपिटल-रेज़िंग एक्सरसाइज को पूरा करने की क्षमता पर सवाल खड़े करती है।
प्रतिस्पर्धियों की राह
रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की अन्य कंपनियां भी प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए फंड जुटा रही हैं। KPI Green Energy ने ₹475 करोड़ का वारंट इश्यू अप्रूव किया है, GMR Power ने ₹1,200 करोड़ और IND Renewable Energy ने ₹1 बिलियन जुटाने की योजना बनाई है।
