मुनाफे में 16 गुना की बंपर तेजी, पर रेवेन्यू पर गिरी गाज!
Tamil Nadu Newsprint & Papers Ltd (TNPL) ने अपने चौथी तिमाही (Q4 FY26) के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट 16 गुना बढ़कर ₹240.30 करोड़ पर पहुंच गया। इस बंपर मुनाफे का मुख्य कारण ₹219.43 करोड़ की डेफर्ड टैक्स लायबिलिटी (Deferred Tax Liability) का रिवर्सल रहा।
हालांकि, कंपनी के ऑपरेशनल परफॉरमेंस (Operational Performance) में नरमी दिखी। चौथी तिमाही में स्टैंडअलोन टोटल रेवेन्यू (Standalone Total Revenue) पिछले साल के मुकाबले 7.32% घटकर ₹1,291.77 करोड़ रहा। वहीं, पूरे फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए, TNPL का रेवेन्यू 2.89% बढ़कर ₹4,720.77 करोड़ तक पहुंचा, जो पिछले साल ₹4,588.31 करोड़ था। पूरे साल का नेट प्रॉफिट ₹247.75 करोड़ रहा।
कंपनी ने ₹4 प्रति शेयर (40%) के फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) की सिफारिश की है। लेकिन, मैनेजमेंट ने बाजार की अस्थिरता (Market Volatility) और इंपोर्ट (Import) से बढ़ती प्रतिस्पर्धा को बड़ी चुनौतियां बताया है। खासकर ASEAN देशों से ड्यूटी कंसेशन (Duty Concession) के कारण आने वाले सस्ते माल से घरेलू पेपर मैन्युफैक्चरर्स (Paper Manufacturers) पर दबाव है।
TNPL, जो भारत के पेपर और पैकेजिंग सेक्टर का एक अहम हिस्सा है, एनर्जी भी जेनरेट करती है। कंपनी पर कर्ज का बोझ भी है। 31 मार्च 2026 तक, कुल नॉन-करंट और करंट बोरिंग्स (Non-current and Current Borrowings) लगभग ₹1,598.83 करोड़ थी। डेट-टू-इक्विटी रेशियो (Debt-to-Equity Ratio) करीब 90.4% है, जो वित्तीय प्रबंधन (Financial Management) पर सावधानी बरतने की जरूरत बताता है।
निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि TNPL इंपोर्ट प्रतिस्पर्धा से कैसे निपटती है और कर्ज का प्रबंधन करते हुए रेवेन्यू ग्रोथ कैसे हासिल करती है। इसी तरह की चुनौतियों का सामना JK Paper Ltd., West Coast Paper Mills Ltd. और Seshasayee Paper and Boards Ltd. जैसी कंपनियां भी कर रही हैं।
