Supha Pharmachem Insolvency: ₹1,237 करोड़ का भारी कर्ज़, डायरेक्टर्स का सहयोग न मिलने से प्रक्रिया पेचीदा

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AuthorAditya Rao|Published at:
Supha Pharmachem Insolvency: ₹1,237 करोड़ का भारी कर्ज़, डायरेक्टर्स का सहयोग न मिलने से प्रक्रिया पेचीदा
Overview

Supha Pharmachem Ltd. अब दिवालियापन समाधान प्रक्रिया (Insolvency Resolution Process) में पहुँच गई है. कंपनी पर कुल **₹1,237 करोड़** का कर्ज़ है, जबकि कंपनी के सस्पेंड किए गए डायरेक्टर्स सहयोग नहीं कर रहे हैं, जिससे यह प्रक्रिया और पेचीदा हो गई है.

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Supha Pharmachem दिवालियापन की राह पर: ₹1,237 करोड़ के क्रेडिटर क्लेम

Supha Pharmachem Limited आधिकारिक तौर पर कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रेज़ोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) में प्रवेश कर चुकी है. नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के आदेश के बाद, कंपनी पर ₹1,237 करोड़ से ज़्यादा के क्रेडिटर क्लेम दर्ज किए गए हैं. इंटरिम रेज़ोल्यूशन प्रोफेशनल (IRP) राजेश झुंझुनवाला अब कंपनी के मामलों को संभाल रहे हैं.

क्रेडिटर क्लेम की स्थिति

कंपनी के खिलाफ कुल ₹1,237.51 करोड़ (₹1,237,511,620) के क्लेम फाइल किए गए हैं. इनमें से ₹821.73 करोड़ (₹821,735,148) के क्लेम स्वीकार कर लिए गए हैं, जबकि ₹411.93 करोड़ (₹411,931,472) की राशि अभी वेरिफिकेशन के अधीन है.

डायरेक्टर्स का असहयोग बढ़ा रहा मुश्किल

इस प्रक्रिया में एक बड़ी चुनौती सामने आई है. कंपनी के सस्पेंड किए गए डायरेक्टर्स इंटरिम रेज़ोल्यूशन प्रोफेशनल के साथ सहयोग नहीं कर रहे हैं. आरोप है कि वे आवश्यक रिकॉर्ड और जानकारी उपलब्ध नहीं करा रहे हैं, जिसके कारण एक तय बोर्ड मीटिंग स्थगित करनी पड़ी है और प्रक्रिया के शुरुआती चरण जटिल हो गए हैं.

इंसॉल्वेंसी रेज़ोल्यूशन प्रोसेस क्या है?

यह भारत के इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड, 2016 (IBC) के तहत एक संरचित प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य किसी कंपनी की वित्तीय कठिनाई को हल करना है. इसका लक्ष्य या तो एक व्यवहार्य समाधान योजना (Resolution Plan) के माध्यम से कंपनी को पुनर्जीवित करना है, या असफल होने पर, उसकी संपत्तियों को लिक्विडेट (Liquidate) करना है. इंसॉल्वेंसी प्रक्रिया शुरू होने पर, कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की शक्तियां निलंबित हो जाती हैं और प्रबंधन का नियंत्रण IRP के हाथों में चला जाता है.

कंपनी की पृष्ठभूमि

Supha Pharmachem, जिसे पहले Remedium Lifecare Limited के नाम से जाना जाता था, 1988 में शामिल की गई थी और यह मुंबई स्थित है. कंपनी फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (API इंटरमीडिएट्स और रॉ मटेरियल) के व्यापार के क्षेत्र में काम करती है.

कंपनी ने पिछले वित्तीय वर्ष (FY 2024-25) में SEBI की न्यूनतम सदस्य संख्या आवश्यकताओं को पूरा न करने जैसे बोर्ड संरचना से संबंधित गैर-अनुपालन का भी सामना किया था.

प्रक्रिया की शुरुआत

यह इंसॉल्वेंसी प्रक्रिया एक ऑपरेशनल क्रेडिटर, Boston Ivy Healthcare Solution Private Limited, के ₹7.47 करोड़ के डिफॉल्ट (Default) के बाद शुरू हुई, जो 7 नवंबर, 2023 को हुआ था. इसी के चलते NCLT ने कंपनी को समाधान प्रक्रिया में admit करने का आदेश दिया.

आगे क्या देखना है?

  • कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) की पहली मीटिंग: 14 अप्रैल, 2026 को निर्धारित पहली CoC मीटिंग के नतीजे इस प्रक्रिया की दिशा तय करेंगे.
  • डायरेक्टर्स का सहयोग: सस्पेंड किए गए डायरेक्टर्स से सहयोग प्राप्त करने में कोई प्रगति प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण होगी.
  • क्लेम वेरिफिकेशन: शेष क्रेडिटर क्लेम के वेरिफिकेशन की स्थिति पर अपडेट.
  • समाधान योजना: कंपनी के पुनरुद्धार या पुनर्गठन के लिए संभावित योजनाओं के विकास में प्रगति.
  • NCLT के निर्देश: नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल द्वारा जारी किए गए कोई भी आगे के आदेश.

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.