कंपनी ने क्यों लिया यह फैसला?
Sresta Finvest Limited के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 13 अप्रैल 2026 को हुई मीटिंग में इन 11.75 करोड़ शेयरों को जारी करने की मंजूरी दी। इन शेयरों का फेस वैल्यू ₹1 है, लेकिन इन्हें ₹0.05 के प्रीमियम पर यानी कुल ₹1.05 प्रति शेयर के भाव पर जारी किया गया है।
इस अलॉटमेंट का सीधा मतलब यह है कि तीन नॉन-प्रमोटर निवेशकों ने अपने पहले से अलॉट किए गए कन्वर्टिबल वारंट्स को इक्विटी शेयर्स में बदल लिया है। इसके चलते, इन तीनों निवेशकों की Sresta Finvest में कुल हिस्सेदारी बढ़कर 6.69% हो गई है। इन नए जारी किए गए शेयरों पर डिविडेंड (Dividend) और वोटिंग के अधिकार मौजूदा शेयरों के बराबर ही होंगे।
कंपनी को क्या फायदा हुआ?
इस शेयर अलॉटमेंट के तहत, कंपनी को बैलेंस कंसीडरेशन (Balance Consideration) के तौर पर ₹9.25 करोड़ की रकम प्राप्त होगी। यह फंड कंपनी की फाइनेंशियल पोजीशन को और मजबूत करेगा।
बता दें कि इससे पहले 18 फरवरी 2025 को Sresta Finvest ने कैपिटल रेजिंग (Capital Raising) के तहत 15 अलॉटीज को कुल 85.30 करोड़ कन्वर्टिबल वारंट्स जारी किए थे। वर्तमान फैसला उन वारंट्स का एक आंशिक (Partial) कन्वर्जन है।
NBFC सेक्टर में Sresta Finvest की स्थिति
NBFC (नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी) सेक्टर में Sresta Finvest को कई बड़ी कंपनियों से कॉम्पिटिशन (Competition) का सामना करना पड़ता है। मनापुरम फाइनेंस (Manappuram Finance) और मुथूट फाइनेंस (Muthoot Finance) जैसी कंपनियां गोल्ड लोन सेगमेंट में हावी हैं, जबकि बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance) कंज्यूमर फाइनेंस में लीड करती है। ये बड़ी फर्म्स अक्सर ज्यादा डायवर्सिफाइड (Diversified) फंडिग स्ट्रीम्स और वाइडर मार्केट रीच (Wider Market Reach) के कारण छोटी NBFCs पर दबाव बनाती हैं।
इस कन्वर्जन से जुड़े अहम आंकड़े:
- फिस्कल ईयर 2026 की चौथी तिमाही में 11.75 करोड़ इक्विटी शेयर अलॉट किए गए।
- इसी अवधि में वारंट कन्वर्जन के लिए बैलेंस कंसीडरेशन के रूप में ₹9.25 करोड़ प्राप्त हुए।
- फिस्कल ईयर 2025 से लेकर फिस्कल ईयर 2026 की चौथी तिमाही तक, वारंट्स के लिए शुरुआती सब्सक्रिप्शन (Initial Subscription) ₹22.39 करोड़ था।
निवेशक अब आगे इस बात पर नजर रखेंगे कि बाकी बचे वारंट्स का कन्वर्जन कैसे होता है। इसके अलावा, यह भी देखा जाएगा कि बढ़ी हुई नॉन-प्रमोटर शेयरहोल्डिंग (Non-promoter Shareholding) बोर्ड की गतिशीलता (Board Dynamics) या कंपनी की रणनीतिक फैसलों (Strategic Decisions) को कैसे प्रभावित करती है, और कंपनी इन फंड्स का इस्तेमाल अपनी फाइनेंशियल हेल्थ और NBFC सेक्टर में ग्रोथ के लिए कैसे करती है।
