नए एफआईआर में ₹1.78 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप
Skyline Ventures India Ltd पर एक गंभीर आरोप लगा है। कंपनी की ओर से 9 अप्रैल 2026 को पूर्व डायरेक्टर्स और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ एक एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है। कंपनी का कहना है कि इन लोगों ने मिलकर ₹1.78 करोड़ की हेराफेरी की है। आरोप है कि कंपनी के पैसों को गलत जगह इस्तेमाल किया गया और रिकॉर्ड्स में भी गड़बड़ी की गई।
इन्सॉल्वेंसी (Insolvency) का खतरा भी मंडरा रहा है
धोखाधड़ी के आरोपों के अलावा, कंपनी 10 नवंबर 2025 को Raj Breeders and Hatcheries Private Limited द्वारा दायर एक इन्सॉल्वेंसी पिटीशन का भी सामना कर रही है। इस पिटीशन से कंपनी की वित्तीय हालत पर और भी बुरा असर पड़ सकता है। इन सभी घटनाओं के चलते कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹10.45 करोड़ तक प्रभावित होने की आशंका है।
कंपनी में क्यों आई इतनी बड़ी गड़बड़ी?
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कथित धोखाधड़ी अक्टूबर और नवंबर 2025 के बीच हुई, जब कंपनी के पूर्व डायरेक्टर्स पर ₹1.78 करोड़ का एक असुरक्षित लोन (Unsecured Loan) Raj Breeders and Hatcheries Private Limited से लिया गया। इसी दौरान फंड डायवर्जन (Fund Diversion) और कागजात में हेरफेर जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।
शेयरहोल्डर्स ने भी उठाए थे सवाल
कंपनी में गंभीर गवर्नेंस (Governance) की समस्याएं भी सामने आई हैं। 30 सितंबर 2025 को हुए एक महत्वपूर्ण शेयरहोल्डर (Shareholder) मीटिंग में, शेयरधारकों ने कंपनी के वित्तीय नतीजों को खारिज कर दिया था और मिस्टर प्रशांत मित्त को दोबारा डायरेक्टर नियुक्त करने का विरोध किया था। इसके चलते पुराने डायरेक्टर्स को पद से हटाना पड़ा था। यह सब कंपनी के अंदर चल रही बड़ी उठापटक को दिखाता है।
आगे क्या हो सकता है?
अब कंपनी पर धोखाधड़ी के गंभीर आरोप हैं और वह इन्सॉल्वेंसी की कार्यवाही से भी गुजर रही है। पूर्व मैनेजमेंट पर केस चल रहा है और जांच भी शुरू हो गई है। शेयरहोल्डर्स का भरोसा उठ चुका है, जिससे डायरेक्टर्स में बदलाव हुआ है। कंपनी अपने उन एसेट्स (Assets) को वापस पाने की कोशिश करेगी, जो कथित तौर पर पूर्व कर्मचारियों के पास हैं, जैसे कि कंप्यूटर जिनकी कीमत ₹8.00 लाख बताई जा रही है।
मुख्य जोखिम (Key Risks)
- इन्सॉल्वेंसी: इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत चल रही पिटीशन कंपनी के भविष्य के लिए बड़ा खतरा है।
- कानूनी कार्रवाई: एफआईआर के बाद धोखाधड़ी के आरोपों की पूरी जांच होगी।
- गवर्नेंस की समस्या: शेयरहोल्डर्स के विवाद और धोखाधड़ी के आरोप गवर्नेंस में गंभीर खामियों की ओर इशारा करते हैं।
- वित्तीय कमजोरी: रेवेन्यू (Revenue) की कमी और मौजूदा कर्ज कंपनी को और कमजोर बना रहे हैं।
इसी तरह के कॉर्पोरेट संकट के मामले
Skyline Ventures की स्थिति कुछ वैसी ही है जैसी पहले Sterling Biotech Ltd और Kwality Ltd जैसी कंपनियों के साथ हुई थी, जिन्होंने इन्सॉल्वेंसी और वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों का सामना किया था।
