सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने Shriram Finance को आधिकारिक तौर पर 'लार्ज कॉर्पोरेट' का दर्जा दे दिया है। 24 अप्रैल, 2026 को फाइलिंग के अनुसार, कंपनी ने 31 मार्च, 2026 तक ₹1,61,197.04 करोड़ का बड़ा लॉन्ग-टर्म कर्ज (long-term borrowing) दर्ज किया है।
इसी के साथ, कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए अपना टॉप-टियर CARE AAA/Stable क्रेडिट रेटिंग भी रीअफर्म किया है। यह कंपनी की मजबूत फाइनेंशियल पोजीशन और नए रेगुलेशन के तहत फंड जुटाने की क्षमता को दर्शाता है।
SEBI के इस फ्रेमवर्क के तहत 'लार्ज कॉर्पोरेट' क्लासिफिकेशन का मतलब है कि Shriram Finance को अब डेट इश्यू करने के लिए खास नियमों का पालन करना होगा। इन कंपनियों को अपने नए कर्ज का एक न्यूनतम हिस्सा कॉर्पोरेट बॉन्ड मार्केट से जुटाना अनिवार्य है। कंपनी की हाई क्रेडिट रेटिंग, डेट मार्केट में आसानी से और वाजिब दरों पर फंड जुटाने में मदद करेगी।
SEBI ने डेट मार्केट को मजबूत करने के लिए 'लार्ज कॉर्पोरेट' फ्रेमवर्क पेश किया था। यह उन एंटिटीज पर लागू होता है जिनका लॉन्ग-टर्म कर्ज ₹100 करोड़ से अधिक है और क्रेडिट रेटिंग 'AA' या उससे ऊपर है। Shriram Finance भारत की एक प्रमुख नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) है, जो रिटेल फाइनेंसिंग पर फोकस करती है।
हालांकि, कंपनी को अपने फंड-रेजिंग एक्टिविटीज के लिए SEBI के खास नियमों का पालन करना होगा। यह 'लार्ज कॉर्पोरेट' स्टेटस फंड के विभिन्न स्रोतों तक पहुंचने की कंपनी की क्षमता को और मजबूत करता है। निवेशकों को रेगुलेटरी कंप्लायंस पर नजर रखनी होगी। आपको बता दें कि Shriram Finance पर जुलाई 2025 में RBI द्वारा डिजिटल लेंडिंग गाइडलाइन्स का पालन न करने पर ₹2.70 लाख का जुर्माना भी लगाया गया था।
Bajaj Finance Ltd. और Cholamandalam Investment and Finance Company Ltd. जैसी अन्य बड़ी एनबीएफसी भी इसी तरह के SEBI रेगुलेशन के तहत काम करती हैं। निवेशकों के लिए, Shriram Finance के भविष्य के डेट इश्यू प्लान, 'लार्ज कॉर्पोरेट' डेट-रेजिंग मैंडेट्स के साथ कंप्लायंस, क्रेडिट रेटिंग में उतार-चढ़ाव और आउटस्टैंडिंग लॉन्ग-टर्म बोरोइंग में समग्र वृद्धि जैसे प्रमुख बिंदु ट्रैक करने लायक हैं।
