SEBI के नियमों का पालन करते हुए, Shriram Finance ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कंपनी ने 16 मार्च से 31 मार्च 2026 की अवधि के दौरान प्रोसेस किए गए 13 फिजिकल शेयर सर्टिफिकेट्स को डीमैट (इलेक्ट्रॉनिक) रूप में सफलतापूर्वक कन्वर्ट कर लिया है।
कंपनी ने पुष्टि की है कि उसने सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के डीमैटेरियलाइजेशन नियमों का पालन किया है। इसके लिए, कंपनी के रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंट, Integrated Registry Management Services Private Limited, ने फिजिकल शेयर सर्टिफिकेट्स को रद्द कर दिया है और डिपॉजिटरीज़ के साथ मालिकाना हक (ओनरशिप) के रिकॉर्ड्स को अपडेट किया है। इस प्रक्रिया में 2500 शेयर्स (Folio 51166) और 3760 शेयर्स (Folio 20343) जैसी कुछ विशिष्ट होल्डिंग्स शामिल थीं। यह जानकारी 06 अप्रैल, 2026 को फाइल की गई थी।
SEBI द्वारा फिजिकल शेयर्स को डीमैट कराना पारदर्शिता बढ़ाने, फ्रॉड के जोखिम को कम करने और शेयर प्रबंधन को सरल बनाने के लिए अनिवार्य है। निवेशकों के लिए, इसका मतलब है कि उनकी होल्डिंग्स इलेक्ट्रॉनिक रूप से डीमैट अकाउंट में सुरक्षित रहती हैं, जिससे वे अधिक सुरक्षित महसूस करते हैं और उन्हें ट्रांसफर करना आसान हो जाता है। यह लिस्टेड कंपनियों के लिए परिचालन दक्षता बनाए रखने और आधुनिक वित्तीय बाजार प्रथाओं का पालन करने की एक मानक प्रक्रिया है।
शेयरधारकों के लिए, इसका सीधा मतलब है कि उनकी Shriram Finance की होल्डिंग्स को मैनेज करना अब और अधिक सुरक्षित और आसान हो गया है। फिजिकल शेयर सर्टिफिकेट्स को इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में बदला जा रहा है, और मालिकाना हक के रिकॉर्ड्स को सेंट्रल डिपॉजिटरीज़ के साथ अपडेट किया जा रहा है, जिससे प्रशासनिक गलतियों की संभावना कम हो जाती है। यह SEBI के पूरी तरह से डीमैटेरियलाइज्ड सिक्योरिटीज मार्केट के लक्ष्य के अनुरूप है और कंपनी के शेयर रजिस्ट्री मैनेजमेंट में विश्वास बढ़ाता है।
Shriram Finance भारत में एक प्रमुख नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) है। यह कमर्शियल व्हीकल्स, पैसेंजर व्हीकल्स और SME लोन जैसे रिटेल फाइनेंस पर फोकस करती है। अक्टूबर 2022 में Shriram City Union Finance के साथ इसके मर्जर के बाद कंपनी का संचालन काफी बढ़ गया है। Shriram Finance जैसी NBFCs, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) और SEBI के सख्त नियमों के तहत काम करती हैं, जिनमें कैपिटल एडिक्वेसी, कॉर्पोरेट गवर्नेंस और पारदर्शिता शामिल हैं।