SEBI के नियमों का पालन हुआ पक्का
कंपनी ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की चौथी तिमाही के लिए अपना कंप्लायंस सर्टिफिकेट पेश किया है। यह सर्टिफिकेट Beetal Financial & Computer Services Pvt. Ltd. द्वारा जारी किया गया है और यह SEBI (Depositories and Participants) Regulations, 2018 के रेगुलेशन 74(5) का पालन करने की पुष्टि करता है।
निवेशकों के लिए क्यों है यह अहम?
SEBI के नियमों, खासकर डिपॉजिटरी और पार्टिसिपेंट्स से जुड़े नियमों का पालन करना मार्केट की पारदर्शिता और निवेशकों के भरोसे के लिए बहुत ज़रूरी है। रेगुलेशन 74(5) यह सुनिश्चित करता है कि फिजिकल शेयर्स को समय पर डीमैट (Dematerialized) फॉर्म में बदला जाए। यह फाइलिंग शेयरधारकों को भरोसा दिलाती है कि उनकी होल्डिंग्स रेगुलेटरी मानकों के अनुसार मैनेज की जा रही हैं।
₹28 करोड़ का टैक्स नोटिस और शराब कारोबार में एंट्री
SEBI कंप्लायंस फाइलिंग के अलावा, Shri Gang Industries & Allied Products Ltd एक बड़े टैक्स विवाद में भी उलझी हुई है। कंपनी को ₹28.16 करोड़ की सेंट्रल सेल्स टैक्स और उत्तर प्रदेश वैट (VAT) के लिए डिमांड नोटिस मिले हैं, जो फाइनेंशियल ईयर 2022-23 से संबंधित हैं। कंपनी का मैनेजमेंट इस असेसमेंट को चुनौती दे रहा है और अपील करने की योजना बना रहा है।
गौरतलब है कि कंपनी, जो पहले Suraj Vanaspati Limited के नाम से जानी जाती थी, एक समय Sick Industrial Company घोषित हो चुकी थी। हालांकि, कंपनी ने शराब (Alcoholic Beverages) के कारोबार में उतरकर खुद को रिवाइव करने की कोशिश की है। अप्रैल 2026 में, कंपनी ने Tilaknagar Industries के साथ IMFL (Indian Made Foreign Liquor) बॉटलिंग एग्रीमेंट भी किए हैं।
निवेशकों के लिए मुख्य जोखिम
निवेशकों के लिए सबसे बड़ा जोखिम ₹28.16 करोड़ के टैक्स डिमांड पर आने वाले फैसले से जुड़ा है। अगर फैसला कंपनी के खिलाफ जाता है, तो यह कंपनी की वित्तीय सेहत पर भारी पड़ सकता है। इसके अलावा, कंपनी की पुरानी वित्तीय और परिचालन संबंधी चुनौतियां भी बनी हुई हैं।