इनसाइडर ट्रेडिंग पर कसेगा शिकंजा: 'ट्रेडिंग विंडो क्लोजर' का ऐलान
Shelter Pharma Limited ने शेयर बाज़ार में निष्पक्षता बनाए रखने और इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading) को रोकने के लिए एक सख्त कदम उठाया है। कंपनी ने अपने डायरेक्टर्स, प्रमुख कर्मचारियों और अन्य नामित व्यक्तियों के लिए ट्रेडिंग विंडो को बंद कर दिया है। यह कदम SEBI (Prohibition of Insider Trading) Regulations, 2015 के तहत उठाया गया है।
क्यों बंद हुई ट्रेडिंग विंडो?
यह प्रक्रिया इसलिए अपनाई जाती है ताकि कंपनी के अंदरूनी लोगों को वित्तीय नतीजों या किसी अन्य गोपनीय, मूल्य-संवेदनशील जानकारी (Unpublished Price Sensitive Information - UPSI) का फायदा उठाने से रोका जा सके। जब तक नतीजे सार्वजनिक नहीं हो जाते, तब तक कंपनी के शेयर में किसी भी तरह के खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी जाती है।
कब तक रहेगी पाबंदी?
यह ट्रेडिंग विंडो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी। कंपनी अपने फाइनेंशियल ईयर 2026 (जो 31 मार्च 2026 को समाप्त होगा) के अंतिम नतीजों को बोर्ड मीटिंग में मंजूरी देगी। नतीजों की घोषणा के 48 घंटे पूरे होने के बाद ही यह ट्रेडिंग विंडो दोबारा खोली जाएगी। बोर्ड मीटिंग की तय तारीख की सूचना अलग से दी जाएगी।
कंपनी का पिछला प्रदर्शन
Shelter Pharma, जो 1965 में स्थापित एक भारतीय फार्मा कंपनी है, मुख्य रूप से हर्बल उत्पादों के निर्माण में माहिर है। फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में कंपनी ने शानदार प्रदर्शन किया था। कंपनी के रेवेन्यू (राजस्व) में 26.58% का सालाना उछाल देखा गया, जो ₹5066.02 लाख तक पहुँच गया। वहीं, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹723.74 लाख रहा, जबकि ईपीएस (EPS) ₹6.26 दर्ज किया गया। कंपनी दिसंबर 2024 में BSE पर लिस्ट हुई थी। हाल ही में, Financial Mindss को नया इन्वेस्टर और पब्लिक रिलेशंस एजेंसी नियुक्त किया गया है।
कौन नहीं कर सकता ट्रेडिंग?
ट्रेडिंग विंडो क्लोजर के दौरान, कंपनी के डायरेक्टर्स, प्रमुख अधिकारी, नामित कर्मचारी और उनके करीबी रिश्तेदार कंपनी के शेयर्स की खरीद-बिक्री नहीं कर सकेंगे। यह नियम सभी के लिए समान रूप से लागू होगा।